घने कोहरे और नेविगेशन ऐप पर भरोसा करना एक गिलट कारोबारी और उसके परिवार के लिए बुधवार रात जानलेवा साबित होते-होते रह गया। आधी रात के आसपास गलत दिशा में मुड़ने से उनकी कार सीधे नहर में जा गिरी। किस्मत से नहर में पानी का स्तर कम था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

समय बचाने के लिए चुना था शार्टकट

घटना मथुरा जिले के गोविंद नगर थाना क्षेत्र से जुड़े एक परिवार के साथ हुई। जयसिंहपुरा निवासी अमित मित्तल बुधवार शाम अपनी पत्नी और 10 वर्षीय बेटे के साथ जैंत थाना क्षेत्र के सुनरख मार्ग पर एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। रात करीब पौने 12 बजे लौटते समय उन्होंने समय बचाने के लिए शॉर्टकट चुना और रास्ता जानने के लिए गूगल मैप का सहारा लिया।

घना कोहरा होने के कारण दृश्यता बेहद कम थी। इसी दौरान कार गलत मार्ग पर चली गई और सड़क की बजाय नहर में उतर गई। पानी में कार गिरते ही परिवार घबरा गया और शोर मचाने लगा। कार के भीतर पानी घुसता देख स्थिति और भयावह हो गई।

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पीछे आ रहे परिचितों और आसपास मौजूद राहगीरों ने चीख-पुकार सुनकर तुरंत मदद की। कई लोग नहर में उतरे और करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। किसी को चोट नहीं आई, लेकिन कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

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सूचना मिलने पर जैंत थाना पुलिस मौके पर पहुंची। क्रेन की मदद से कार को नहर से बाहर निकलवाया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि नहर में पानी करीब दो फीट ही था, जिससे जानमाल का नुकसान टल गया।

अमित मित्तल ने बताया कि वह उस रास्ते पर पहली बार गए थे और नेविगेशन के भरोसे चल रहे थे। हादसे के बाद जब उन्होंने दिन में मौके का मुआयना किया, तब पानी कम देखकर राहत मिली। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कोहरे में वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें और अंजान रास्तों पर केवल ऐप के भरोसे न रहें।