Delhi News: अगर आपके वाहन पर ट्रैफिक चालान पेंडिंग है और समय की कमी की वजह से आप उसका निपटारा नहीं कर पा रहे हैं, तो आपके लिए एक गुड न्यूज है। अधिकारियों ने बताया कि पेंडिंग ट्रैफिक चालान के निपटारे को आसान बनाने और लोगों की सुविधा बढ़ाने के मकसद से दिल्ली डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर पांच जुलाई से पूरे शहर में खास वीकेंड ट्रैफिक कोर्ट शुरू करेंगी।
इस पहल से लोग उन ‘कंपाउंडेबल’ ट्रैफिक नोटिस और चालान का निपटारा कर सकेंगे जो अभी वर्चुअल कोर्ट में पेंडिंग हैं।
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली के 11 जिला कोर्ट कॉम्प्लेक्स में कुल 22 ट्रैफिक कोर्ट बेंच बनाई जाएंगी। हर बेंच एक बार में 700 तक कंपाउंडेबल नोटिस या चालान पर सुनवाई करेगी।
कब-कब काम करेगीं ये अदालतें?
ये स्पेशल कोर्ट हर महीने के दूसरे शनिवार और सभी रविवार को काम करेंगी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ये कोर्ट छह बड़े डिस्ट्रिक्ट कोर्ट कॉम्प्लेक्स तीस हजारी, पटियाला हाउस, साकेत, द्वारका, रोहिणी और कड़कड़डूमा में काम करेंगे।
इस कदम का मकसद ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के मामलों को निपटाने के लिए तेज और आसान तरीका देना, गाड़ी मालिकों की परेशानी कम करना और लोगों को ट्रैफिक नियमों का स्वेच्छा से पालन करने के लिए प्रोत्साहित करना है। ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए, वीकेंड ट्रैफिक कोर्ट के जरिये निपटारे के लिए एक गाड़ी से जुड़े ज्यादा से ज्यादा 20 योग्य नोटिस या चालान लिए जा सकते हैं।
कहां से डाउनलोड कर सकते हैं चालान?
आम लोग 25 जून से दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के तय पोर्टल से अपने योग्य चालान डाउनलोड कर सकते हैं और निपटारे के लिए उन्हें संबंधित वीकेंड ट्रैफिक कोर्ट में पेश कर सकते हैं। ये कोर्ट दो सेशन सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक और दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक काम करेंगी।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, इस पहल से वर्चुअल कोर्ट में कंपाउंडेबल चालान की पेंडेंसी काफी कम होने की उम्मीद है। साथ ही, लोगों को अपने रोजमर्रा के काम में रुकावट डाले बिना मामलों को निपटाने का एक आसान विकल्प भी मिलेगा।
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हेड कांस्टेबल रमेश कुमार को सेंट्रल दिल्ली के व्यस्त तुगलक रोड गोल चक्कर पर ड्यूटी संभालने से पहले अपने नए एयर-कंडीशंड हेलमेट दिया गया है। यहां उन्हें तेज धूप और भीषण गर्मी के बीच ट्रैफिक प्रबंधन के लिए तैनात किया गया है। तपती सड़क से उठने वाली गर्मी इतनी तेज होती है कि कुछ ही मिनटों में वर्दी पसीने से भीग जाती है। लेकिन कुमार का कहना है कि पिछले दो-तीन दिनों से टेस्टिंग के तौर पर शुरू किए गए ये कूलिंग डिवाइस उन्हें इस भीषण गर्मी से कुछ राहत दे रहे हैं। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
