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नेतृत्‍व संकट से जूझ रहा गोवा? अमित शाह से मिल सीएम मनोहर पर्रिकर का विकल्‍प तलाशेंगे प्रदेश बीजेपी के नेता

पर्रिकर (62) का इस साल की शुरुआत में अग्न्याशय संबंधी बीमारी के चलते तीन महीने तक अमेरिका में इलाज चला था और वह जून में भारत लौटे थे। इस महीने की शुरुआत में वह स्वास्थ्य जांच के लिए फिर से अमेरिका गए थे।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह। (image source-PTI photo by vijay verma)

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर एक बार फिर इलाज के सिलसिले में अमेरिका गए हैं। उनकी गैर मौजूदगी के चलते गोवा शासन और नेतृत्व के संकट का सामना कर रहा है। ऐसे में जल्द ही राज्य के भाजपा नेता दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात करने वाले हैं। इसमें पर्रिकर की गैर मौजूदगी में उनके विकल्प पर चर्चा की जाएगी। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य के कैबिनेट मिनिस्टर श्रीपद नाइक ने बीते बुधवार (29 अगस्त, 2018) को इस बात की पुष्टि की है। खबर के मुताबिक नाइक के अलावा राज्यसभा सांसद विनय तेंडुलकर, लोकसभा सांसद नरेंद्र सावईकर और पार्टी के राज्य महासचिव सदानंद सेठ तानवडे शाह से मुलाकात करेंगे। नाइक ने बताया कि पर्रिकर कल देर रात इलाज के सिलसिले में न्यूयॉर्क गए हैं। वह करीब एक सप्ताह बाद लौटेंगे। कैबिनेट मिनिस्टर ने आगे बताया, ‘अभी तक हमें जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक पर्रिकर मामूली जटिलता के चलते दोबारा अमेरिका गए हैं। हमें बताया गया है कि वो आठ दिन बाद लौटेंगे।’

बता दें कि पर्रिकर (62) का इस साल की शुरुआत में अग्न्याशय संबंधी बीमारी के चलते तीन महीने तक अमेरिका में इलाज चला था और वह जून में भारत लौटे थे। इस महीने की शुरुआत में वह स्वास्थ्य जांच के लिए फिर से अमेरिका गए थे। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक अधिकारी ने बताया, ‘पर्रिकर कल देर रात डेढ़ बजे मुंबई हवाईअड्डे से एयर इंडिया के विमान से रवाना हुए। वह आठ दिन के लिए अमेरिका गए हैं।’ सीएमओ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कल बताया था कि र्पिरकर इलाज के सिलसिले में दोबारा अमेरिका जाएंगे।

गोवा की कमान किसके हाथों में जाएगी, इसे लेकर लग रही अटकलों को विराम देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने कल रात बताया कि पर्रिकर अपना प्रभार किसी को नहीं सौंपेंगे, बल्कि वह महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अमेरिका से ही मंजूरी देंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी किसी और को सौंपने का ‘कोई आदेश नहीं’ है। (एजेंसी इनपुट)

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