ताज़ा खबर
 

गोवा: चर्च और मुस्लिम संगठन एक जुट होकर करेंगे केंद्र के पशु बिक्री बैन का विरोध

वध के लिए मवेशियों की बिक्री पर रोक लगाए जाने वाले फैसले के खिलाफ गोवा में मुस्लिम समुदाय और चर्च एक जुट हुए हैं।
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर। (Representative Image)

केंद्र के वध के लिए मवेशियों की बाजारों में बिक्री पर रोक लगाए जाने वाले फैसले के खिलाफ गोवा में मुस्लिम समुदाय और चर्च एक जुट हुए हैं। राज्य में कुछ प्रभावशाली मुस्लिम संगठनों और रोमन कैथलिक चर्च ने मिलकर एक सिविल सोसाइटी बनाई है जिसे “गोवा फॉर बीफ-बीफ फॉर गोवा” का नाम दिया गया है। केंद्र के फैसले के खिलाफ कुरैशी मीट ट्रेडर्स ने बोम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच के समक्ष एक रिट पेटिशन दायर की है। एसोसिएशन ने सोमवार (12 जून) को यह रिट डाली है। कुरैशी मीट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अनवर बेपरी ने बताया कि रिट में कई अहम मुद्दों को उठाया गया है जिनमें से एक धार्मिक वध के लिए मवेशियों की बिक्री का मुद्दा भी है। उन्होंने कहा- “यह हमारे लिए इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि दो महीने बाद बकरा ईद है।”

वहीं मुस्मिल समुदाय के प्रतिनिधि अब्दुल मटीन ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा- “अन्य राज्य सरकारें और उनके सीएम इस नोटिफिकेशन के खिलाफ लगातार पत्र लिख रहे थे, विरोध कर रहे थे। हमने अपनी सरकार(राज्य) की इस चुप्पी से तंग आकर ही यह सामूहिक संगठन बनाने का फैसला लिया।” इसके अलावा सामूहिक संगठन के सह-संयोजक फादर सेवियो फर्नैंडीस ने भी कहा- “हम अभी तक मुद्दे को लेकर चुप थे लेकिन यह मुद्दा कई लोगों के रोजगार पर असर कर रहा है। यह लोगों के रोजी रोटी कमाने के अधिकार का उल्लंघन करता है।”

बता दें मुस्लिम समुदाय और चर्च द्वारा बनाए गए इस सामूहिक संगठन के तीन हिस्से हैं। पहला चर्च, दूसरा मुस्लिम समुदाय और तीसरा मीट ट्रेडर्स एसोसिएशन। संगठन ने मरगाओ में हुई अपनी बैठक के दौरान फैसले से लोगों के कारोबार के नुकसान के मुद्दे को उठाया। मीट ट्रेडर्स एसोसिएशन का दावा है कि राज्य में बड़े पैमाने पर लोग स्लॉटर के काम से अपनी रोजी रोटी का गुजारा करते हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. R
    Rajendra Vora
    Jun 13, 2017 at 11:15 am
    Saare gau taskar लामबंध हो रहे हे. खबर ही झूठी फैलाई जा रही हे की खाने पे बंदी हे और लोग भी ये समाज रहे हे. उनसे बता दू की सिर्फ तस्करी पे बेन हे न की खाने पे. लेकिन जिसका काम ही गौ तस्करी का हे वह गलत बता के लोगो को भ्रमित करना चाहते हे.
    (0)(0)
    Reply