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गोवा: नवनियुक्त RSS प्रमुख ने की पर्रिकर की आलोचना, कहा- मुख्यमंत्री रहते भाषा भाषा सुरक्षा मंच के मुद्दे को नहीं सुलझा पाए

संघ अपने किसी भी स्वयंसेवक को किसी भी राजनीतिक दल के लिए वोट करने को नहीं कहता है, यहां तक कि भाजपा को भी वोट करने को नहीं कहता।

Author नई दिल्ली | September 13, 2016 05:11 am
देश के रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर उत्‍तर प्रदेश से राज्‍यसभा सांसद हैं। (PTI)

पणजी, 12 सितम्बर :भाषा: गोवा आरएसएस के नवनियुक्त प्रमुख लक्ष्मण बेहरे ने रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर की निर्देश के माध्यम :एमओआई: के मुद्दे को ठीक तरीके से संचालित नहीं करने के लिए सोमवार (12 सितंबर) को आलोचना की। इस मुद्दे को लेकर क्षेत्रीय भाषा के प्रचारक और संघ के पूर्व राज्य प्रमुख सुभाष वेलिंगकर संगठन से अलग हो गए और हाल में समानांतर संगठन बना लिया। बेहरे ने पोंडा शहर में कहा, पर्रिकर नेता के रूप में सफल हैं। इसलिए वह रक्षा मंत्री बने। लेकिन एमओआई मुद्दे :जब वह मुख्यमंत्री थे तो: से वह ठीक तरीके से नहीं निपट सके। उन्होंने कहा, गोवा विधानसभा के पहले सत्र के दौरान सत्ता संभालने के तुरंत बाद उन्हें एमओआई मुद्दे को ठीक तरीके से निपटना चाहिए था।
बहरहाल बेहरे ने तत्काल कहा कि पर्रिकर अब भी स्वयंसेवक हैं। बेहरे ने कहा, शाखा में शामिल होते और प्रार्थना करते ही आप स्वयंसेवक बन जाते हैं। अगर वह चाहें तो किसी भी शाखा में आ सकते हैं। हम उन्हें शाखा में आने के लिए बाध्य नहीं करेंगे।

उन्होंने कहा कि संघ अपने किसी भी स्वयंसेवक को किसी भी राजनीतिक दल के लिए वोट करने को नहीं कहता है, यहां तक कि भाजपा को भी वोट करने को नहीं कहता। उन्होंने कहा, भाजपा खुद काम करे। संघ अपने कार्यकर्ताओं को किसी विशेष दल के लिए वोट करने को नहीं कहेगा। हमने पहले भी इस तरह का कोई निर्देश जारी नहीं किया था। हम कार्यकर्ताओं से कहते हैं कि सौ फीसदी वोटिंग सुनिश्चित करें और अच्छे व्यक्ति को चुनें। संघ सभी राजनीतिक दलों से एक समान व्यवहार करता है। बेहरे ने कहा कि वेलिंगकर को पदमुक्त करने का संघ ने इसलिए निर्णय किया ताकि वह भारतीय भाषा सुरक्षा मंच के लिए और उत्साह से काम कर सकें। उन्होंने कहा, वेलिंगकर को पद से इसलिए मुक्त किया गया ताकि वह बीबीएसएम के लिए ज्यादा उत्साह के साथ काम कर सकें।

उन्होंने कहा, उस निर्णय के बाद से पद खाली है। संघ में एक व्यवस्था है कि वरिष्ठ जो कहते हैं उसे हमें सुनना होगा। उन्होंने मुझे जिम्मेदारी दी जिसे मैंने स्वीकार कर लिया। वह 47 वर्षों से संगठन से जुड़े हुए हैं और इसके केशव सेवा साधना के सचिव थे। उन्होंने कहा कि संघ और वेलिंगकर द्वारा गठित आरएसएस गोवा प्रांत के बीच कोई मतभेद नहीं है।
उन्होंने कहा, उनसे हमारा कोई मतभेद नहीं है। जो भी मतभेद हैं वे अस्थायी हैं। उनका इशारा वेलिंगकर के बयान की तरफ था जिसमें उन्होंने कहा कि गोवा चुनाव के बाद उनका आरएसएस में विलय हो सकता है और वे एकजुट होकर काम करेंगे।

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