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गोवा पर बचाव के लिए दिग्विजय ने किया ट्वीट, कहा- अपनो ने ही लुटिया डुबाई

गोवा चुनाव के लिए कांग्रेस ने दिग्विजय को चुनाव प्रभारी बनाया था। उन्होंने चुनाव में कांग्रेस पार्टी को राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनाया, लेकिन भाजपा ने रातों रात गठबंधन कर गोवा में सरकार बना लिया और मनोहर पर्रिकर को मुख्यमंत्री बना दिया।

Author March 17, 2017 2:39 PM
दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर के कहा कि गोवा फारवर्ड पार्टी के साथ गठबंधन हो जाता तो कांग्रेस को राज्य में बहुमत जरूर मिलता (FILE PHOTO)

गोवा चुनावों पर आलोचना का सामना कर रहे कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह ने शुक्रवार को कहा कि चुनाव से पहले गोवा फारवर्ड पार्टी के साथ गठबंधन का उनका प्रस्ताव उनकी ही पार्टी के नेताओं ने ही ‘नकार’ दिया था। उन्होंने कहा कि गोवा फारवर्ड पार्टी के साथ गठबंधन हो जाता तो कांग्रेस को राज्य में बहुमत मिलता और अब इस मामले में उन्हें ‘खलनायक’ बनाना ठीक नहीं है। सिंह ने ट्वीट कर कहा, ‘रणनीति के तहत मैंने बाबुश मोनसराटेट की अगुवाई वाली क्षेत्रीय पार्टी और विजय सरदेसाई की गोवा फारवर्ड पार्टी के साथ एक धर्मनिरपेक्ष गठबंधन का प्रस्ताव दिया था।’

उन्होंने कहा, ‘बाबुश के साथ हमारा गठबंधन हो गया और हमने पांच में से तीन सीटों पर जीत हासिल की, जबकि गोवा फारवर्ड पार्टी के साथ गठबंधन को हमारे ही नेताओं ने नकार दिया। दुखद…।’

उल्लेखनीय है कि पणजी विधानसभा में कांग्रेस ने एंटासियो :बाबुश: मोनसराटेट की यूनाइटेड गोवा पार्टी के साथ गठबंधन किया था और उनके चार समर्थकों को पार्टी का टिकट दिया था। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘गोवा फारवर्ड को चार में से तीन सीटों पर जीत मिली। अगर हमने गोवा फारवर्ड के साथ गठबंधन किया होता, तो हमारे पास 22 सीटें होतीं। इसके बाद भी दिग्विजय दोषी हैं? मैं इसका निर्णय आप पर छोड़ता हूं।’

गोवा चुनाव के लिए कांग्रेस ने दिग्विजय को चुनाव प्रभारी बनाया था। उन्होंने चुनाव में कांग्रेस पार्टी को राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनाया, लेकिन भाजपा ने रातों रात गठबंधन कर गोवा में सरकार बना लिया और मनोहर पर्रिकर को मुख्यमंत्री बना दिया।

बता दें कि जीएफपी के 3 विधायकों ने ही भाजपा के साथ सरकार बनाने में मदद की। पार्टी की भद्द होने और कांग्रेसी विधायक विश्वजीत राने द्वारा फ्लोर टेस्ट के दौरान बाहर निकल जाने व बाद में इस्तीफा देने पर भी दिग्विजय ने ट्वीट किया। उनके बाहर जाने की वजह थी उनका पर्रिकर के साथ कॉफी पर जाना। उन्होंने ट्वीट कर राज्यपाल द्वारा भाजपा को सरकार बनाने के लिए न्यौता देने पर भी अपना बचाव किया। उन्होंने ये भी कहा कि जब वह 2013 में गोवा के चुनाव प्रभारी बनाए गए तब पार्टी की स्थिति काफी खराब थी।

देखिए वीडियो - गोवा फ्लोर टेस्ट: मनोहर पार्रिकर ने विधानसभा में साबित किया बहुमत

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