गोवा: जमीन के अंदर दब गई पूरी ट्रेन! कई इलाक़ों में बाढ़ के हालात

सीएम सावंत ने कहा, ‘‘यह 1982 के बाद से आई भीषण बाढ़ में एक है। करोड़ों रुपये की संपत्ति को नुक़सान पहुंचा है।’’

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दक्षिणी गोवा में मिट्टी के मलबे के बीच दबीं हुईं बेपटरी हुई ट्रेन की बोगियां। (फोटोः वीडियो स्क्रीनग्रैब)

भारी बारिश और वशिष्ठी नदी (महाराष्ट्र में चिपलून और कमाठे के बीच) के उफनाने की वजह से शुक्रवार (23 जुलाई, 2021) को दक्षिणी गोवा में एक ट्रेन बेपटरी हो गई। यह पैसेंजर रेलगाड़ी दूधसागर और सोनाउलिम के बीच रेल ट्रैक से उतरी थी, जिसके बाद हादसे का शिकार हुई और जमीन के अंदर (मिट्टी के मलबे आदि) के अंदर जाकर दब गई।

हादसा तब हुआ, जब ट्रेन मंगलोर जंक्शन से छत्रपति शिवाजी टर्मिनस की ओर जा रही थी। हालांकि, अच्छी बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी को चोट नहीं आई। दक्षिणी पश्चिमी रेलवे (एसडब्ल्यूआर) के बयान में कहा गया, “घटना में कोई न तो जख्मी हुआ, न ही किसी की जान गई। ट्रेन को बाद में खींच कर दक्षिणी गोवा के कुलेम लाया गया।” यही नहीं, एक अन्य ट्रेन हजरत निजामुद्दीन-वासको डिगामा एक्सप्रेस को भी करनजोल और दूधसागर के बीच लैंडस्लाइड की वजह से रोका गया। इस गाड़ी को भी कर्नाटक के कासल रॉक स्टेशन वापस लाया गया।

इतना ही नहीं, गोवा के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पनप गए। संबंधित घटना में एक महिला की मौत हो गई और लगभग 1,000 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। सैंकड़ों लोगों को निचले इलाकों से सुरक्षित बाहर निकाला गया। यह बाढ़ राज्य में पिछले 40 साल में आई प्रलयकारी बाढ़ में एक है।

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने पत्रकारों को बताया कि बाढ़ से सत्तारी और बिचोलिम, पोंडा, धारबंदोरा, बारडेज और पेरनम तालुका बुरी तरह से प्रभावित हैं जबकि अन्य इलाकों में भी इससे क्षति हुई है। बकौल सावंत, “धारबंदोरा में एक महिला की मौत की सूचना मिली है लेकिन इसकी वास्तविक वजह की पुष्टि की प्रतीक्षा की जा रही है।” मुख्यमंत्री ने बचाव एवं राहत अभियानों पर निगरानी के लिए दोपहर में बिचोलिम के बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया।

उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों को अस्थायी शिविरों में बदल दिया गया है ताकि बाढ़ प्रभावित लोग वहां शरण ले सकें। सावंत ने कहा, ‘‘यह 1982 के बाद से आई भीषण बाढ़ में एक है। करोड़ों रुपये की संपत्ति को नुक़सान पहुंचा है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के दल राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं और उन्होंने विभिन्न इलाकों में बाढ़ में फंसे कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।

इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से फोन पर बात की। सांवत ने ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने फोन कर लगातार बारिश से गोवा में बनी बाढ़ की स्थिति के दौरान लोगों की सुरक्षा एवं कुशलता के बारे में जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने राज्य को पूरा सहयोग और सहायता देने का आश्वासन दिया।’’

पश्चिम, दक्षिण में भारी बारिश से तबाहीः पश्चिम और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश ने काफी तबाही मचाई है। महाराष्ट्र में पिछले 48 घंटों में बारिश से संबंधित घटनाओं में कुल 129 लोगों की मौत हो गई। महाराष्ट्र के आपदा प्रबंधन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को पीटीआई-भाषा से कहा कि ‘‘तटीय रायगढ़ जिले में महाड तहसील के तलाई गांव में बृहस्पतिवार को भूस्खलन होने के कारण 38 लोगों की मौत होने के साथ ही महाराष्ट्र में पिछले 48 घंटे के दौरान वर्षाजनित घटनाओं में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 129 हो गयी है। ’’भूस्खलन के अलावा बाढ़ के पानी में बह जाने के कारण भी कई लोगों की मौत हो गयी। (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)

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