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गोवा: कृषि मंत्री बोले- ‘ऊं रों जुम साह’ का जाप करें किसान, होगा फायदा

सरदेसाई ने कहा है कि इस स्कीम में किसी तरह का पैसा शामिल नहीं है। उन्होंने कहा, 'मैं कृषि में रुचि बढ़ाने के लिए हर तरीके की जानकारी लूंगा। अगर आप लोग मेरे सामने यह साबित करने में कामयाब होते हैं कि रॉक शो और ब्यूटी प्रतियोगिता करने से खेती में अच्छी उपज होगी तो मैं यह भी करवाने को तैयार हूं।'

खेत में ध्यान की मुद्रा में बैठा किसान (फोटो सोर्स- वीडियो स्क्रीनशॉट)

गोवा में इस साल अच्छी खेती के लिए वैदिक मंत्रजाप का सहारा लिया जा रहा है। गोवा के कृषि मंत्री विजय सरदेसाई ने खेती में उपज बढ़ाने के लिए मेडिटेशन और ब्रह्मांडीय ऊर्जा का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि किसानों को खेत में बैठकर करीब 20 मिनट तक के लिए ध्यान लगाना चाहिए, ऐसा करने से उनकी खेती में फायदा होगा। उनका कहना है कि किसानों द्वारा वैदिक मंत्र का जाप करने से अच्छी खेती होगी, उनकी जमीन को फायदा होगा।

‘शिव योग कॉस्मिक फार्मिंग’ नाम के प्रोजेक्ट के तहत किसानों से कहा गया है कि वह करीब 20 मिनट तक रोजाना अपने खेत में बैठकर ध्यान लगाएं, ऐसा करने से कॉस्मिक एनर्जी उनकी जमीन पर पड़ेगी और अच्छी उपज होगी। इस प्रोजेक्ट को केमिकल इंजीनियर से गुरु बनने वाले अवधूत शिवानंद ने डिजाइन किया है। इस प्रोजेक्ट के तहत किसानों को 20 मिनट तक ध्यान लगाना होगा और ‘ऊं रों जुम साह’ का जाप करना होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक विजय सरदेसाई की पत्नी अवधूत शिवानंद की समर्थक हैं और ऐसा कहा जा रहा है कि सरदेसाई की पत्नी ने ही इस तरह का कदम उठाने के लिए उन्हें राजी किया होगा।

सरदेसाई ने कहा है कि इस स्कीम में किसी तरह का पैसा शामिल नहीं है। उन्होंने कहा, ‘मैं कृषि में रुचि बढ़ाने के लिए हर तरीके की जानकारी लूंगा। अगर आप लोग मेरे सामने यह साबित करने में कामयाब होते हैं कि रॉक शो और ब्यूटी प्रतियोगिता करने से खेती में अच्छी उपज होगी तो मैं यह भी करवाने को तैयार हूं। हमें अब उन तरीकों के बारे में विचार करना होगा, जिनकी मदद से हम लोगों के मन में खेती के लिए उत्साह जगा सकते हैं।’ कृषि मंत्री ने कहा कि उनका मकसद खेती में उर्वरकों के इस्तेमाल को कम करना और मिट्टी में कॉस्मिक एनर्जी को बढ़ाना है। सरदेसाई के मुताबिक कॉस्मिक एनर्जी से ऐसे सूक्ष्मजीव जीवित होंगे जो मिट्टी की उपजाऊ क्षमता को बढ़ाने में मदद करेंगे।

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