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69 साल बाद बढ़ जाएगी इतनी गर्मी कि ओलंपिक कराना नहीं होगा आसान

वर्ष 2085 यानी आज से 69 साल बाद उत्तरी गोलार्द्ध के देशों के देशों में तेज गर्मी के कारण ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों का आयोजन कराना आसान नहीं रह जाएगा।

Author नई दिल्ली | August 22, 2016 2:59 AM
रियो दि जिनेरियो में आयोजित होनेवाले रियो आलंपिक के प्रचार के लिए लगा बैनर। (REUTERS/Sergio Moraes)

वर्ष 2085 यानी आज से 69 साल बाद उत्तरी गोलार्द्ध के देशों के देशों में तेज गर्मी के कारण ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों का आयोजन कराना आसान नहीं रह जाएगा। यूनिवर्सिटी आफ आकलैंड के एक ताजा अध्ययन के मुताबिक बढ़ते तापमान के कारण गर्मियों में मैराथन में एथलीटों का दौड़ना आसान नहीं रह जाएगा। यह अध्ययन ब्रिटिश मेडिकल जर्नल द लासेंट में प्रकाशित हुआ है। निष्कर्षों के मुताबिक कम ओलंपिक कराने लायक जोखिम श्रेणी वाले शहरों में मुट्ठी भर शहर ही रह जाएंगे। इनमें उत्तरी अमेरिका में तीन, एशिया में दो और अफ्रीका में एक भी नहीं होगा। उत्तरी अमेरिका में कैलगरी, सेन फ्रांसिस्को, वेंकूवर और एशिया में बिशकेक और उलानबतर शहर ही ओलंपिक का आयोजन कर पाने लायक रह जाएंगे। अगली सदी तक हालात और विकट हो जाएंगे। तब के अनुमानों के अनुसार कम जोखिम भरे ग्रीष्म वातावरण वाले अंतिम विकल्प शहरों में बेलफास्ट, डब्लिन, एडिनबर्ग और ग्लासगो ही बचे रहे जाएंगे।

सह अध्ययनकर्ता एलिस्टर वुडवर्ड के मुताबिक ग्लोबल वार्मिंग के कारण 2050 के बाद से ही समस्याएं पेश आने लगेंगी। यह अध्ययन कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, नेल्सन मार्लबोरो इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी और सेंटर फार टेक्नोलाजी रिसर्च एंड इनोवेशन इन साइप्रस ने किया है। अध्ययनकर्ताओं में वुडवर्ड के अलावा किर्क आर स्मिथ, ब्रूनो लेम्के, मैंथियस ओट्टो, किंडी जे चांग, एना ए मेंस, जान बाम्स और टार्ड केजलस्टार्म शामिल हैं। अध्ययनकर्ताओं ने उत्तरी गोलार्ध के 645 शहरों की सूची जारी की है। इनमें सिर्फ आठ शहर ही पश्चिमी यूरोप से बाहर के हैं। जिन पांच शहरों को 2085 के ओलंपिक लायक माना गया है वे कम जोखिम श्रेणी वाले शहरों में आते हैं। बाकी शहर मध्यम जोखिम और अत्यधिक जोखिम शहरों की श्रेणी में रखे गए हैं। अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि 69 साल बाद ग्लोबल वार्मिंग के कारण ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के आउटडोर खेल या तो इंडोर में कराने होंगे या फिर शीतकाल में या फिर बिना मैराथन या फिर गर्मी में मुश्किल भरे खेलों के बिना कराने होंगे।

अध्ययनकर्ताओं ने उत्तरी गोलार्द्ध पर ही अपने अध्ययन को केंद्रित किया हैं जहां दुनिया की 90 फीसद आबादी बसती है और यहां गर्मी का मौसम जुलाई से अगस्त तक होता है और यह बेहद गर्म नहीं होता है। अध्ययन में जिन शहरों को शामिल किया गया है उनकी आबादी साल 2012 में छह लाख से ज्यादा थी। अध्ययन में कुछ उदाहरणों को आधार बनाया गया है जब भीषण गर्मी के कारण खेल प्रभावित हुए। इसमें एक उदाहरण 2007 में शिकागो मैराथन का है जब तेज गर्मी से इसे बीच में रोकना पड़ा था और कई धावकों को चिकित्सा सेवा मुहैया करानी पड़ी थी। 2016 में लास एंजेलिस में अमेरिका मैराथन टीम ट्रायल को 70 फीसद एथलीट से पूरा कर पाए जबकि वहां तब अधिकतम तापमान 25.6 डिग्री था।

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