ताज़ा खबर
 

रिपोर्ट में दावा- झारखंड की आधी आबादी को नहीं मिल पा रहा भरपेट खाना

यह सर्वे 15 सितंबर से 30 सितंबर के बीच कराया गया है, जिससे झारखंड में भूख के हालात, पोषण और खाने-पीने की विविधता की जानकारी मिलती है।

Global Hunger Index 2018, Global Hunger Index 2018 india, india Global Hunger Index 2018, IMF, IMF india,, jharkhand, global hunger index, hunger situation in india, india gdp, झारखंड, झारखंड में भुखमरी,रिपोर्ट के मुताबिक, 26 प्रतिशत जनता को सिर्फ 2 वक्त का खाना मिलता है, जबकि 4 प्रतिशत को एक वक्त का ही खाना मिलता है। (AP Photo)

क्या भारत में एक राज्य ऐसा भी है, जहां सभी लोगों को भरपेट खाना नहीं मिल पा रहा है? गुरुवार (11 अक्टूबर) को रांची में ग्लोबल हंगर इंडेक्स (GHI) 2018 के डेटा सार्वजनिक किए गए। इस मौके पर झारखंड से जुड़े आंकड़े भी पेश किए गए। झारखंड के लिए सर्वे एक स्थानीय सामाजिक संगठन की ओर से कराया गया है। इसके मुताबिक, 3 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले इस प्रदेश में करीब आधे लोगों को पर्याप्त खाना मयस्सर नहीं है। वहीं, करीब एक चौथाई लोगों को सिर्फ 2 वक्त का भोजन मिल पाता है। बता दें कि झारखंड में ही पिछले एक साल के दौरान भूख के कारण 14 लोगों की मौत हो चुकी है।

दो एनजीओ कंसर्न वर्ल्डवाईड (आयरलैंड) और वेल्ट हंगर हिल्फ (जर्मनी) ने मिलकर ग्लोबल हंगर इंडेक्स रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट में 119 देश शामिल हैं। इस लिस्ट में भारत 103 वें नंबर पर है। IMF ने भारत को हाल में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बताया था। इसके चंद दिन बाद ही ऐसी रिपोर्ट सामने आई है। झारखंड ऐसा राज्य है जोकि प्राकृतिक रूप से सम्पन्न है।

वेल्ट हंगर हिल्फ (जर्मनी) की सीनियर प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर (झारखंड) सुष्मिता जेना के मुताबिक, झारखंड से जुड़ा सर्वे राज्य के 15 जिलों में करीब 1057 घरों पर किया गया है। एक अंग्रेजी अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, यह सर्वे 15 सितंबर से 30 सितंबर के बीच कराया गया है, जिससे झारखंड में भूख के हालात, पोषण और खाने-पीने की विविधता की जानकारी मिलती है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य की 3.19 करोड़ जनता (2011 की जनगणना के अनुसार) में से करीब 50.3 प्रतिशत जनता को जरूरत के अनुसार खाना नहीं मिल पाता है। वहीं राज्य की 59.3 प्रतिशत जनता को ही एक दिन में तीन वक्त का खाना मिल पाता है। 26 प्रतिशत जनता को सिर्फ 2 वक्त का खाना मिलता है, जबकि 4 प्रतिशत को एक वक्त का ही खाना मिलता है। दिन में 4-5 बार खाना खाने वाली जनता सिर्फ 10 प्रतिशत ही है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि खाने की कमी सबसे ज्यादा पिछड़े वर्ग, अनूसूचित जाति और जनजातियों में पायी गई है। रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि खाने की कमी सबसे ज्यादा जुलाई से सितंबर के बीच देखी गई। निराशाजनक बात ये है कि ग्लोबल हंगर इंडेक्स 2018 में भारत का स्थान अन्य दक्षिण एशियाई देशों जैसे कि श्रीलंका, नेपाल और बांग्लादेश से भी नीचे है। झारखंड के जिन जिलों में यह सर्वे किया गया उनमें बोकारो, देवघर, दुमका, गिरडीह, गोड्डा, गुमला, हजारीबाग, जमातरा, खुंटी, लातेहर, लोहरदगा, पाकुड़, साहेबगंज, सरायकेला-खरसावन और पश्चिमी सिंहभूम शामिल हैं।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 यूपी: योगी सरकार में मंत्री ने कहा- चुनाव आने पर आती है राम मंदिर की याद
2 गांव की स्वयंभू अदालत ने बेटे से पिता का सिर कलम करने कहा, दया की भीख मांगी तो कटवा दीं उंगलियां
3 जीडी अग्रवाल की मौत को गुरु ने बताया हत्‍या, एम्‍स डायरेक्‍टर के बयान से बढ़ा सस्‍पेंस
यह पढ़ा क्या?
X