Jharkhand News: झारखंड के चतरा जिले से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक 21 साल की लड़की ने अपने माता-पिता की इच्छा के विरुद्ध जाकर अंतर्जातीय विवाह कर ली थी। अब उस लड़की के माता-पिता ने उसका सांकेतिक तौर पर अंतिम संस्कार कर दिया। उन्होंने युवती की तस्वीर वाली वाले पुतले की अर्थी निकाली। उसका दाह संस्कार कर पिंडदान की क्रियाकर्म भी किया।
दूसरी ओर लड़की के ससुराल पक्ष के लोगों ने इस विवाह को स्वीकार कर लिया है। उनका आरोप है कि जब से उन्होंने शादी को स्वीकारा है, तब से लगातार उन्हें अप्रत्यक्ष तौर पर धमकियां मिल रही हैं। पुलिस ने बताया कि दुल्हन बालिग है और उसने पुलिस को बताया कि उसने अपनी मर्जी से शादी की है। वह एक ब्राह्मण परिवार से आती है और उसने झारखंड के कुशवाह समुदाय के एक अग्निवीर सिपाही से शादी की है।
परिवार ने पहले लगाया था अगवा करने का आरोप
इस मामले में गिधौर पुलिस स्टेशन के प्रभारी पुरुषोत्तम अग्निहोत्री ने बताया कि महिला के परिवार ने पहले पुलिस से संपर्क कर आरोप लगाया था कि उसे अगवा कर लिया गया है। पुलिस अधिकारी ने कहा, “हमने दोनों का पता लगाया और उन्हें अपने सामने पेश किया। महिला 21 साल की है। उसने साफ तौर पर कहा कि वह स्वेच्छा से गई थी और अपनी मर्जी से शादी की थी।”
उन्होंने कहा कि अपहरण का कोई मामला दर्ज नहीं किया जा सकता क्योंकि महिला ने जबरदस्ती का आरोप नहीं लगाया है। उन्होंने कहा, “लड़की ने खुद कहा है कि उसने स्वेच्छा से शादी की है।” पुलिस अधिकारी ने कहा कि महिला ने अपने परिवार द्वारा डाले जा रहे दबाव का भी विरोध किया और संकेत दिया कि अगर यह जारी रहा तो वह वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से संपर्क करेगी। इसके बाद पुलिस ने दंपति को जाने दिया।
‘हमें समाज का सामना करना होगा’
दुल्हन की मां ने बताया कि परिवार को इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनकी बेटी सैनिक से शादी करने का इरादा रखती है। उन्होंने बताया कि परिवार ने ब्राह्मण समुदाय में ही उसकी शादी तय कर दी थी और तैयारियों पर करीब 5 लाख रुपये खर्च कर दिए थे। लड़की की मां के अनुसार, उनकी बेटी ने कॉलेज में परीक्षा देने जाने का बहाना बनाकर घर छोड़ दिया था। परिवार को शादी के बारे में बाद में पता चला।
परिवार द्वारा प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार करने के कारण को समझाते हुए लड़की की मां ने कहा कि यह शोक और सामाजिक दबाव दोनों के कारण किया गया था। उन्होंने कहा, “हम ब्राह्मण हैं। हमें समाज का सामना करना ही होगा।” परिवार के लोग दुल्हन की तस्वीर वाली एक प्रतिमा को श्मशान घाट तक ले गए, जहां शोक मनाने वालों ने “राम नाम सत्य है” के नारे लगाए। प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार के बाद, उन्होंने श्राद्ध और पिंडदान किया और दुल्हन को मृत मानकर उनका सम्मान किया।
‘कोई झगड़ा नहीं चाहता’
दूसरी ओर दूल्हे के पिता ने कहा कि यह विवाह दोनों परिवारों की सहमति से हुआ है। उन्होंने कहा, “मेरे बेटे और उसकी पत्नी ने अपनी मर्जी से शादी की है, और हमने उनके फैसले को स्वीकार कर लिया है।” हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि शादी के बाद से उनके परिवार को अप्रत्यक्ष धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, “लोग कह रहे हैं कि वे यह करेंगे या वह करेंगे, लेकिन हम किसी भी तरह के टकराव से बच रहे हैं। हम कोई झगड़ा या तनाव नहीं चाहते।”
सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे वीडियो
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके बेटे के रोजगार को प्रभावित करने के इरादे से सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित किए जा रहे थे। इसके अलावा जब उनसे यह पूछा गया कि क्या उन्होंने कोई पुलिस सुरक्षा मांगी तो उनका कहना था कि उन्होंने कहा कि अभी तक किसी ने भी उनसे सीधे तौर पर सामना नहीं किया है, लेकिन उनका यह मानना है कि शादी के बाद से बदले माहौल की वजह से वे काफी चिंतित हैं।
गौरतलब है कि लड़की के इस प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार में स्थानीय ब्राह्मण समुदाय के कई लोग भी शामिल हुए,लेकिन उन्होंने इस बात से इनकार किया कि संगठन ने परिवार को यह सबकुछ करने के लिए दबाव बनाया था। गिधौर पुलिस स्टेशन के प्रभारी अग्निहोत्री ने कहा कि अगर दूल्हे का परिवार सबूतों के साथ पुलिस के पास आता है तो पुलिस धमकी देने की किसी भी शिकायत की जांच करेगी।
यह भी पढ़ें: ‘कोई बच्चा छूटा तो नहीं है ना?’ गाजियाबाद के सीवेज में पोलियो वायरस मिलने के बाद हाई अलर्ट पर स्वास्थ्य महकमा
गाजियाबाद में सीवेज के एक नमूने में वैक्सीन-डिराइव्ड पोलियोवायरस टाइप-1 मिलने के बाद अधिकारियों ने सीवेज नेटवर्क का पता लगाया। करीब 150,000 लोगों वाले 12 मोहल्लों को हाई-रिस्क एरिया के तौर पर पहचाना और नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल और डब्ल्यूएचओ की निगरानी में वैक्सीनेशन की कोशिशों को तेज किया। पढ़िए पूरी खबर…
