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गुजरातः खेत में सो रहे बच्चे को उठाकर ले गए थे शेर, वन विभाग ने 13 शेरों को किया कैद

रविवार (22 मई) को तीन और शेरों को पकड़कर कैद कर लिया गया है। इन शेरों को मिलाकर पिछले दो महीनों में वहां से अबतक कुल 13 शेरों को पकड़ा जा चुका है। इन शेरों की वजह से वहां तीन लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

Author राजकोट | May 23, 2016 11:28 am
धारी इलाके में पिछले महीनों में शेरों ने तीन लोगों की जान ले ली है। ( एक्सप्रेस फोटो- भुप्रेंद्र राणा, फाइल फोटो)

गुजरात के गिर वन्यजीव अभयारण्य के पास स्थित अंबार्दी गांव के पास से रविवार (22 मई) को तीन और शेरों को पकड़कर कैद कर लिया गया है। इन शेरों को मिलाकर पिछले दो महीनों में वहां से अबतक कुल 13 शेरों को पकड़ा जा चुका है। इन शेरों की वजह से वहां तीन लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

गिर वन्यजीव अभयारण्य के ईस्ट रेंज के उप वन संरक्षक टी. करूप्पासामी ने कहा, ‘आज सुबह तीन और शेरों को पकड़कर कैद कर लिया गया । इसके साथ ही हमने उस इलाके में घूम रहे सभी 13 शेरों को पकड़ लिया है जिन्होंने पिछले दो महीने में तीन लोगों को मार डाला था।’

करूप्पासामी ने बताया कि एशियाई शेर ने शुक्रवार को जयेश सोलंकी नाम के 11 वर्षीय लड़के पर उस वक्त हमला कर दिया था जब वह अपने पिता के साथ खेत में सोया हुआ था। उसे 19 मई को आम के बगीचे में मृत पाया गया था। शेर के हमले से बेटे को बचाने की कोशिश में जयेश के पिता भी जख्मी हो गए थे।

इस घटना से पहले अमरेली जिले के भराड़ गांव में 50 साल की महिला लभुबेन डी. सोलंकी और अंबार्दी गांव में 60 साल की जीनाभाई मकवाना की शेरों के हमले में मौत हो गई थी।

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान करूप्पासामी ने बताया कि सभी शेरों को वहां के एनिमल केयर सेंटर भेज दिया गया है। वहां पर उनके मल-मूत्र की जांच की जाएगी। इसमें देखा जाएगा कि किस शेर के मल-मूत्र में इंसानी मांस पाया जाता है। फिर जिसने भी इंसानों को खाया होगा उसे काफी दिनों तक पिंजरे में ही कैद रहना पड़ेगा।

वहीं वन विभाग के भूषण पांड्या ने कहा कि इसमें शेरों की गलती नहीं है। लोग खुले में ना सोने जैसी सावधानी बरतकर ऐसे हादसों से बच सकते हैं। वहीं, गुजरात वन्य विभाग के पूर्व प्रमुख गोविंद पटेल ने कहा, ’40 प्रतिशत से ज्यादा शेर जंगली इलाकों से बाहर रहते हैं। इसलिए ऐसे हादसे आगे भी हो सकते हैं।’

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