गाजियाबाद में पानी भरे एक पार्क के पास करंट लगने से 23 साल के नरेंद्र कच्ची की मौत हो गई। नरेंद्र लगभग 600 किमी दूर मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के रहने वाले थे और अपने बड़े भाई कमलेश के साथ इंदिरापुरम में रहते थे। हादसे से करीब एक घंटे पहले नरेंद्र ने कमलेश से बात की थी और कहा था, “मौसम बहुत अच्छा है। बारिश का मज़ा लो।”
कमलेश ने कहा, “मुझे मेरी मां का फोन आया और उन्होंने मुझसे उनका हालचाल पूछने के लिए कहा।” नरेंद्र एक बिल्डिंग का केयरटेकर था और कारें भी धोता था। दोपहर करीब 3 बजे एक ट्रांसफॉर्मर के पास बिजली वाले, पानी भरे हिस्से के संपर्क में आने से मर गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि नरेंद्र और एक और आदमी पानी भरे पार्क से बाहर निकल रहे थे। जब वे बाहर निकलने पर लगे ट्रांसफॉर्मर के आसपास जमा पानी को पार कर रहे थे।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
घटना का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर हो रहा है। उसमें नरेंद्र को बिजली का झटका लगने के बाद गिरते हुए दिखाया गया है, जबकि दूसरा आदमी बाल-बाल बच गया। पुलिस ने लापरवाही से मौत की धाराओं के तहत अनजान लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। उन्होंने कहा कि पोस्टमॉर्टम हो चुका है और रिपोर्ट का इंतज़ार है।
कमलेश ने कहा, “मैं उससे काम पर जाते समय मिला था। वह दोस्तों के साथ बैठा था, बारिश के बारे में मज़ाक कर रहा था। आधे घंटे बाद मुझे पता चला कि उसकी मौत हो गई है। मैं अपनी मां को यह नहीं समझा सकता कि वह अब नहीं रहा।”
हर महीने 5,000-6,000 रुपये भेजता घर भेजता था नरेंद्र
चार भाई-बहनों में से एक नरेंद्र पांच साल पहले जब उनका परिवार शहर से गांव लौटा था, तो वह कमलेश के साथ गाजियाबाद में ही रुका था। कमलेश ने कहा, “हम दोनों अपने माता-पिता और दो भाई-बहनों का खर्च उठाने के लिए घर पैसे भेजते थे। वह हर महीने 5,000-6,000 रुपये भेजता था। इससे परिवार चलता था।”
एक लोकल दुकानदार सौरभ चतुर्वेदी ने कहा कि नरेंद्र को बिजली का झटका लगने के बाद सबसे पहले उसके पिता ने ही उसे देखा था। सौरभ ने कहा, “वह कुछ और लोगों के साथ लकड़ी के डंडे लेकर दौड़े। उन्होंने पावर डिपार्टमेंट को ट्रांसफॉर्मर बंद करने के लिए बुलाया और 15-20 मिनट बाद बॉडी को बाहर निकाला।”
एक लोकल रहने वाले धन्नू ने कहा, “करीब 50 लोग जमा हो गए थे, लेकिन किसी ने पानी में जाने की हिम्मत नहीं की।” वहां रहने वालों ने आरोप लगाया कि उन्होंने ट्रांसफॉर्मर के बारे में बार-बार शिकायत की थी, सबसे नई शिकायत 10 दिन पहले भेजी गई थी। धन्नू ने आगे कहा, “करीब 10 दिन पहले यहां एक गाय को करंट लगा था और उससे भी पहले कुत्तों की मौत हो गई थी।”
ट्रांसफॉर्मर को लेकर क्या है मामला?
हालांकि पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें ट्रांसफॉर्मर के बारे में पहले कोई शिकायत नहीं मिली थी। एक अधिकारी ने कहा, “हम मौत का सही कारण जानने के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं। अगर यह करंट लगने की वजह से हुआ है, तो हम घटना की जांच के लिए एक कमेटी बनाएंगे।”
कुछ घंटे पहले नोएडा में 27 साल के आर्यन की सेक्टर 58 में पानी भरी सड़कों पर चलते समय एक नाले में गिरने से मौत हो गई, जब वह काम पर जा रहा था। पुलिस को शक है कि सेक्टर 22 में रहने वाले आर्यन को भी बिजली के खंभे के संपर्क में आने से करंट लगा होगा। एक अधिकारी ने कहा, “सड़क पर पानी भरा हुआ था। उसने सड़क किनारे लोगों को चलते देखा, जहां नालियां पत्थर के स्लैब से ढकी हुई थीं। ऐसा लगता है कि वह एक बिजली के खंभे के पास आ गया और उसे करंट लग गया, फिर वह एक गायब नाली के स्लैब पर पैर रखकर नाले में गिर गया।”
पुलिस ने कहा कि मौत का सही कारण अभी पता नहीं चला है और उसका विसरा सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने कहा कि उसका शव फर्रुखाबाद में उसके गांव भेज दिया गया है।
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राष्ट्रीय राजधानी होने के नाते अमूमन यह माना जाता है कि दिल्ली में समूची व्यवस्था अन्य शहरों के मुकाबले ज्यादा बेहतर होगी। सरकार और स्थानीय प्रशासन के दावों में भी यही झलकता है, लेकिन चिंता की बात यह है कि जब हकीकत सामने आती है, तब भी उसमें सुधार सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहता है। पढ़ें पूरी खबर
