तापमान में बढ़ोतरी होने के बावजूद वायु प्रदूषण की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। उत्तर प्रदेश के दिल्ली से सटे शहरों में एक बार फिर प्रदूषण चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार गाजियाबाद देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया है। यहां रविवार शाम चार बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक 309 दर्ज किया गया है, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है और स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक माना जाता है।
गाजियाबाद के साथ ही पड़ोसी शहर ग्रेटर नोएडा में भी हालात ज्यादा बेहतर नहीं हैं। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 305 दर्ज किया गया है, जिसके चलते वह प्रदूषित शहरों की सूची में चौथे स्थान पर पहुंच गया है। दोनों शहरों में प्रदूषण और धुंध की मोटी परत साफ देखी जा रही है। इसके कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी, गले में खराश और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
नोएडा के लोगों के लिए थोड़ी राहत
हालांकि इस बीच नोएडा के लोगों के लिए थोड़ी राहत की खबर भी सामने आई है। पिछले कुछ दिनों की तुलना में यहां वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार दर्ज किया गया है। नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक फिलहाल 274 दर्ज किया गया है। यह स्तर अभी भी ‘खराब’ श्रेणी में आता है, लेकिन गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा की तुलना में स्थिति कुछ बेहतर मानी जा रही है।
प्रशासन द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के लिए विभिन्न उपायों पर विचार किया जा रहा है। बावजूद इसके लगातार बढ़ता प्रदूषण स्तर क्षेत्र के बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य खतरा बनता जा रहा है। विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, रविवार को राष्ट्रीय राजधानी में अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 7.2 डिग्री अधिक है। रविवार को न्यूनतम तापमान 16.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.7 डिग्री अधिक था। मौसम विभाग ने सोमवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान लगाया है और अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः लगभग 37 और 17 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने की उम्मीद है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, शाम चार बजे वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में बनी रही, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक 247 था।
