उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 3 फरवरी की देर रात तीन नाबालिग सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से कूद कर आत्महत्या कर ली। तीनों बहनें ऑनलाइन गेमिंग की लत का शिकार थीं। बताया जाता है कि परिवार लगातार तीनों को ऑनलाइन गेम खेलने से मना करता था, जिसकी वजह से तीनों ने आत्महत्या कर ली। यह घटना गाजियाबाद के टीला मोड़ थाना क्षेत्र के भरत सिटी सोसाइटी का है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
तनाव भरी जिंदगी जीने को मजबूर थी लड़कियां
पुलिस ने बताया कि लड़कियां बड़े परिवार में अकेली और तनाव भरी जिंदगी जीने को मजबूर थी, जिसके कारण उन्होंने ये कदम उठाया। पुलिस ने बताया कि परिवार भारी कर्ज के बोझ तले दबा हुआ था। आत्महत्या करने वाली तीनों बहनों को ऑनलाइन कोरियन ड्रामा और गेम्स के प्रति जुनून था। पुलिस ने बताया कि लड़कियों ने कुछ साल पहले स्कूल जाना बंद कर दिया था और वे अपना लगभग सारा समय अपने फोन के साथ बिताती थीं और शिकायत करती थीं कि उनके पिता उन्हें बहुत सख्ती से डिसिप्लिन में रखते हैं।
तीनों बहनों ने कथित तौर पर अपने फोन छीन लिए जाने और पिता द्वारा ऑनलाइन कोरियन कंटेंट न देखने या ऑनलाइन कोरियन गेम्स न खेलने के लिए कहने के बाद भारत सिटी टाउनशिप में अपने नौवीं मंजिल के फ्लैट की खिड़की से कूद गई थीं। गाजियाबाद के एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस आलोक प्रियदर्शी ने कहा, “वे के-ड्रामा के प्रभाव में थीं। उन्होंने स्कूल छोड़ दिया था और उनका सारा समय मोबाइल फोन पर कोरियन ड्रामा देखने में बीतता था। मंगलवार रात परिवार के अन्य सदस्यों के सो जाने के बाद लड़कियों ने खुद को अपने कमरे में बंद कर लिया और कूदकर जान दे दी।”
सुबह 2 बजे के ठीक बाद सोसाइटी के निवासियों ने कई तेज आवाजें सुनीं, जिसके बाद उन्होंने लड़कियों को अपनी बिल्डिंग के नीचे जमीन पर पड़ा पाया। ऐसा लग रहा था कि गिरने के दौरान लड़कियां जमीन और नीचे के फ्लैट से निकली कुछ चीजों से टकराई थीं। उन्हें पास के एक अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।
शालीमार गार्डन (गाजियाबाद के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस) अतुल कुमार सिंह ने कहा, “लगभग 2.15 बजे पुलिस रिस्पॉन्स व्हीकल (PRV) को सूचना मिली कि टीला मोड़ पुलिस स्टेशन इलाके में स्थित भारत सिटी के टावर B-1 के फ्लैट नंबर 907 की नौवीं मंजिल की बालकनी से तीन लड़कियों ने छलांग लगा दी है और उनकी मौके पर ही मौत हो गई है।”
अभी तक नहीं दर्ज है कोई FIR
एडिशनल CP आलोक प्रियदर्शी ने कहा कि मामला खुला है और हम लड़कियों के पिता से बात कर रहे हैं लेकिन कोई FIR दर्ज नहीं की गई है। पुलिस ने बताया कि पिता, चेतन कुमार ने दो शादियां की थीं और लड़कियां उनके साथ और उनकी दोनों पत्नियों, एक मौसी और उनके दो अन्य भाई-बहनों के साथ किराए के फ्लैट में रहती थीं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चेतन कुमार आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे और उन पर 2 करोड़ रुपये का कर्ज था।
एक अधिकारी ने बताया, “चेतन की दो पत्नियां बहनें थीं और उसके उन महिलाओं से पांच बच्चे थे, जिनमें एक 9 साल का बेटा भी शामिल है जो गूंगा और बहरा है।” पुलिस ने बताया कि मरने वाली दो लड़कियां एक पत्नी की थीं और दूसरी लड़की दूसरी पत्नी की थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने 8 पन्नों का एक सुसाइड नोट बरामद किया है जिससे पता चलता है कि लड़कियों ने अपनी मौत की योजना बनाई थी। पुलिस के अनुसार लड़कियों ने सुसाइड नोट में आरोप लगाया कि उनके माता-पिता उन्हें पीटते थे और शादी करने की धमकी भी देते थे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बेटियों को यह मंज़ूर नहीं था, क्योंकि वे कोरियन से प्यार करती थीं।
‘हमें कोरियन पसंद हैं और हम उनसे प्यार करते हैं’
लड़कियों ने कथित तौर पर अपने सुसाइड नोट में लिखा, “क्या हमें इस दुनिया में इसलिए जीना चाहिए कि तुम हमें पीटो? नहीं, मौत बेहतर होगी। शादी की बात सुनते ही हमें टेंशन हो जाती है। हमें कोरियन पसंद हैं और हम उनसे प्यार करते हैं और हम कभी भी भारतीय लड़कों से शादी स्वीकार नहीं कर सकते। कोरियन हमारी ज़िंदगी है, तुमने हमें हमारी ज़िंदगी छोड़ने की हिम्मत कैसे की? तुम्हें नहीं पता कि हम उनसे कितना प्यार करते हैं, अब तुमने सबूत देख लिया है। अब तुम्हें मानना ही होगा कि कोरियन और के-पॉप हमारी ज़िंदगी थे।” पुलिस के अनुसार कथित सुसाइड नोट लड़कियों के पिता को लिखा गया है। लड़कियों ने ‘सॉरी पापा’ कहा, लेकिन ये भी कहा कि वे ‘कोरियन’ को नहीं छोड़ सकतीं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने कई कार्टून और ऑनलाइन गेम्स के नाम भी लिखे थे, जिनमें द बेबी इन येलो, एविल नन, और अन्य कोरियन, चीनी, थाई और जापानी ड्रामा शामिल थे।
पिता ने क्या बताया?
लड़कियों के पिता चेतन कुमार ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि उनकी बेटियां के-ड्रामा की बहुत बड़ी फैन थीं और कम से कम तीन साल पहले स्कूल जाना बंद कर दिया था। उन्होंने कहा कि तीनों लड़कियां मेरी दो पत्नियों की थीं। मेरी पत्नी के गर्भवती न हो पाने के बाद मैंने अपनी पत्नी की छोटी बहन से शादी की थी।
चेतन ने बताया कि सबसे बड़ी लड़की ने क्लास 7 में स्कूल छोड़ दिया था और बाकी दो ने क्लास 6 और 5 में स्कूल जाना छोड़ दिया। उन्होंने कहा, “वे क्लास में फेल हो गईं और उसके बाद स्कूल जाने से मना कर दिया। एक साल पहले मैंने उन्हें एक प्राइवेट कोचिंग सेंटर भेजा, लेकिन उनकी टीचर से बहस हो गई और उन्होंने जाना बंद कर दिया। हादसे से तीन दिन पहले मैंने लड़कियों के मोबाइल फ़ोन ले लिए थे और उन्हें K-ड्रामा देखना बंद करने को कहा था। वे उनके लिए दीवानी थीं और उन ड्रामा के किरदारों की तरह बोलने की कोशिश करती थीं, उनकी तरह बर्ताव करती थीं, उनकी नकल करती थीं। एक महीने पहले उन्होंने YouTube पर अपना चैनल बनाया था, जिसे मैंने डिलीट कर दिया था। वे बहुत दुखी थीं।”
पिता ने बताया कि मंगलवार रात को परिवार ने भिंडी-रोटी का खाना खाया, जिसके बाद लड़कियां अपने कमरे में बंद हो गईं। चेतन ने कहा, “बाद में रात में मेरी पत्नी ने उनके दरवाज़े को खटखटाया और उन्हें दरवाज़ा खोलने को कहा। उसके तुरंत बाद हमने चीखें और उनके गिरने की आवाज़ें सुनीं।
बढ़ रहे हैं आत्महत्या के मामले
देश में नौजवानों के बीच आत्महत्या के मामले काफी बढ़ चुके हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के आंकड़े बताते हैं कि 1995 से 2021 तक 1,34,735 युवाओं ने आत्महत्या की। हैरानी की बात यह है कि देश में 26 सालों में कुल लगभग 33 लाख लोगों ने आत्महत्या की, जिनमें से 40% युवा और मासूम थे। एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार 2022 में देश में 1,70,924 आत्महत्याएं दर्ज हुईं। यह संख्या 2021 की तुलना में 4.2% अधिक रही। यहां क्लिक करें
(Disclaimer: आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं है। अगर आपके मन में भी ऐसे ख्याल आ रहे हैं तो आप ऐसे किसी कदम को उठाने से पहले मदद मांग सकते हैं और अपने नज़दीकी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के पास जाएं)
