बुधवार सुबह गाजियाबाद से आई तीन नाबालिग बहनों की मौत की खबर ने सभी को झकझोर कर रख दिया। गाजियाबाद पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। साहिबाबाद की भारत सिटी हाउसिंग सोसाइटी में तीन बहनों की मौत के शायद एकमात्र गवाह अरुण सिंह और उनकी भाभी अपर्णा हैं। ये दोनों उस फ्लैट के सामने वाले फ्लैट में रहते हैं, जिसमें वे बहनें रहती थीं।
बिहार के गया के रहने अरुण सिंह ने द इंडियन एक्सप्रेस को बुधवार दोपहर बताया कि उन्हें ऐसा लगा कि दो बड़ी बहनें एक साथ गिर गईं और सबसे छोटी, जो उन्हें रोकने की कोशिश कर रही थी, वह भी उनके साथ जमीन पर गिर गई।
अरुण ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “मैं लड़कियों के टावर के सामने वाले टावर में 10वीं मंजिल पर रहता हूं। रात करीब 2 बजे, मैं सोने से पहले अपनी बालकनी में खड़ा था। मैंने देखा कि सबसे बड़ी लड़की सामने वाले टावर की 9वीं मंजिल पर उनकी बालकनी को कवर करने वाली खिड़की के किनारे पर बैठी थी। खिड़की का स्लाइडिंग पैनल खुला हुआ था, उसका चेहरा कमरे की तरफ था और उसकी पीठ मेरी तरफ थी। ऐसा लग रहा था कि वह खिड़की के फ्रेम पर बैठे हुए आगे-पीछे झूल रही थी।
अजीब नजारा देख पत्नी को बुलाया
अरुण ने बताया कि यह सीन उन्हें अजीब और खतरनाक लगा। यह नजारा देखकर अपनी पत्नी अनुराधा और उनसे मिलने गाजियाबाद आई अपर्णा को यह देखने के लिए बुलाया। अपर्णा ने बताया कि वह बाहर आईं और फिर चश्मा लेने के लिए अंदर चली गईं।
अरुण ने कहा, “मैं उन्हें देख रहा था, ऐसा लगा कि दूसरी बहन बड़ी बहन को गले लगा रही थी, और वे एक साथ झूल रही थीं। अचानक, बड़ी बहन पीछे की ओर गिर गई और खिड़की से नीचे गिर गई और दूसरी बहन भी उसके साथ गिर गई। सबसे छोटी बहन, जो खिड़की पर ही थी, उन्हें पकड़ने के लिए आगे बढ़ी लेकिन वह भी उस खुले हिस्से से नीचे गिर गई।”
अपर्णा और अरुण ने बताया कि नीचे उतरते समय, लड़कियों ने शायद अपने फ्लैट के नीचे वाले फ्लैट्स के कुछ बाहर निकले हुए हिस्सों से टकराई, जिस वजह से तेज आवाजे आईं जो सोसायटी के कई लोगों ने सुनीं। अपर्णा ने बताया कि पुलिस को रात में 2.07 बजे कॉल मिली और वो कुछ ही देर में स्पॉट पर पहुंच गए। अपर्णा ने बताया, “हमने एक एम्बुलेंस को बुलाया, जो लगभग एक घंटे बाद आई।”
लड़कियों के पिता ने की हैं दो शादियां
सोसायटी के दोनों ने बताया कि मृतक बच्चियों के पिता ने दो शादियां की हैं। उसकी दोनों पत्नियां आपसे में बहनें हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में भी ऐसी बातें कही गई हैं लेकिन परिवार से इसकी पुष्टि नहीं की जा सकी। रिपोर्ट के अनुसार, ऐसा लगता है कि परिवार फ्लैट में किराए पर रहता था और दूसरे निवासियों के साथ घुलता-मिलता नहीं था। सोसायटी के पदाधिकारियों ने बताया कि लड़कियों के पिता ने उनसे बीती शाम ही सोसायटी मेंटेनेंस ड्यूज़ का पेमेंट करने के लिए संपर्क किया था। यही आखिरी बार था जब किसी ने परिवार के किसी सदस्य से बात की थी। क्या आपको पता है कि साल 2017 में ब्लू व्हेल गेम भी कई बच्चों की जीवन लीला समाप्त करने की वजह बना था।
