राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे गाजियाबाद के लोनी इलाके का उल्लेख रामायण में उस स्थान के तौर पर किया गया है जहां लक्ष्मण ने रावण की बहन शूर्पणखा की नाक काटी थी, लेकिन इन दिनों यह शहर दुनिया का सबसे प्रदूषित स्थान होने की वजह से चर्चा में है। आईक्यूएयर द्वारा जारी विश्व वायु गुणवत्ता रपट-2025 में 143 देशों के 9,400 से अधिक शहरों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया और पाया गया कि लोनी में पीएम 2.5 की वार्षिक औसत सांद्रता 112.5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा अनुशंसित सुरक्षित सीमा से 22 गुना अधिक है। कागजों पर यह आंकड़ा चिंताजनक प्रतीत होता है, लेकिन जमीनी स्तर पर लोनी में सब कुछ सामान्य है।

शहर के किसी भी सड़क पर जाएं तो यातायात धीमा होने लगता है। सड़क के दोनों ओर पुरानी इमारतें और दुकानें हैं, जिनकी बाहरी दीवारें समय के साथ काली पड़ गई हैं। ईंट-भट्ठे, रंगाई और धातु प्रसंस्करण इकाइयां, प्रदूषण फैलाने वाले ईंधनों से चलने वाली अनधिकृत औद्योगिक इकाइयां, जहरीले ई-कचरे का अंधाधुंध दहन – इन सबसे प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक स्तर पर पहुंच रहा है, जिससे वहां रहने वाले सात लाख से अधिक लोगों के फेफड़ों में जहरीली, हानिकारक और दम घोंटने वाली गैसों और गंध का मिश्रण पहुंच रहा है।

इन सब के अलावा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच पारगमन गलियारे के रूप में लोनी का उपयोग करने वाले डीजल ट्रक, क्षेत्र में और उसके आसपास चल रहे निर्माण कार्यों के कारण उड़ने वाली धूल और प्लास्टिक सहित कचरे को नियमित रूप से जलाने से भी समस्या विकराल हो रही है।

गत चार दशक से लोनी में रह रहे महेंद्र (62) कहते हैं कि उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों और साथ ही राष्ट्रीय राजधानी से ई-कचरा लाकर रात में लोनी में जला दिया जाता है। हमने कई शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन कुछ नहीं हुआ। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उत्तर प्रदेश का लोनी शहर दुनिया का सबसे प्रदूषित स्थान बन गया है।

पूर्व पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने रेखांकित किया कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम को पूरी तरह से नया रूप देने की आवश्यकता है ताकि पीएम 2.5 के स्तर को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जा सके, जो पूरे देश में एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपदा बन गया है। रमेश ने कहा, ‘लोनी में भारत की मिश्रित संस्कृति को दर्शाने वाले कई महत्वपूर्ण पूजा स्थल हैं। इसका उल्लेख रामायण में भी मिलता है। लोनी सिंधु-गंगा के मैदान में स्थित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, लोनी राक्षस राजा लवणासुर (या लवण) की राजधानी थी।’

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अवैध और प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों पर नकेल कसने के लिए निगरानी दल गठित किए हैं।यूपीसीबी के क्षेत्रीय कार्यालय में सहायक पर्यावरण अभियंता ने बताया कि मार्च से अब तक इस क्षेत्र में संचालित 120 से अधिक अवैध औद्योगिक इकाइयों को बंद किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद के पास स्थित लोनी भारतीय पौराणिक कथाओं और इतिहास के लिहाज से समृद्ध है।

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तापमान में बढ़ोतरी होने के बावजूद वायु प्रदूषण की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। उत्तर प्रदेश के दिल्ली से सटे शहरों में एक बार फिर प्रदूषण चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार गाजियाबाद देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया है। यहां रविवार शाम चार बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक 309 दर्ज किया गया है, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है और स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक माना जाता है। पूरी खबर पढ़ें…