गाजियाबाद के वैशाली में एक परिवार के अपने बेटे का अंतिम संस्कार करने के 13 दिन बाद वह वापस लौट आया। गिरधर सिंह नाम के शख्स एक महीने से लापता थे। परिवार को लगा था कि उनकी मृत्यु हो गई है। दो हफ्ते पहले मसूरी नहर से एक बॉडी बरामद की गयी, जिसके बारे में पुलिस ने दावा किया कि गिरधर के परिवार ने उसकी पहचान की है।

गिरधर सिंह के परिवार ने शव का अंतिम संस्कार किया और 13 दिन की शोक रस्में (तेहरवी) निभाईं। गुरुवार को रस्मों के खत्म होने के एक दिन बाद, गिरधर घर लौट आए। उनके अचानक दोबारा सामने आने से पुलिस असमंजस में है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वास्तव में किसकी डेड बॉडी जलायी गयी थी।

पुलिस बोली- संदेह होता तो हम डीएनए टेस्ट करवाते

पुलिस ने बताया कि परिवार ने दावा किया था कि शव गिरधर का है। एक अधिकारी ने कहा, “पहचान करने के बाद उन्हें पूरा यकीन था अगर जरा सा भी संदेह होता तो हम डीएनए टेस्ट करवाते लेकिन ऐसा कोई संदेह नहीं था, इसलिए हमने भी उनकी बात मान ली।” उन्होंने आगे कहा कि हम अब इस मामले की दोबारा जांच कर रहे हैं और गिरधर के परिवार से पूछताछ करेंगे।

डासना जेल से रिहा हुए थे गिरधर

पुलिस ने बताया कि 16 मई को शैलेश वर्मा और उनके भाइयों ने गिरधर सिंह के खिलाफ मारपीट का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने बीएनएस की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। पुलिस अधिकारियों ने बताया, “गिरधर ने कथित तौर पर शैलेश पर हथौड़े से हमला किया, जिसकी वजह से उसके सिर पर 12 टांके लगे। घटना के बाद गिरधर को बीएनएसएस की धारा 170 के तहत डासना जेल भेजा गया था लेकिन कुछ दिनों बाद उसे रिहा कर दिया गया।”

गिरधर जेल से छूटने के बाद घर नहीं पहुंचे

पुलिस ने आगे बताया कि गिरधर घर नहीं पहुंचा। उसकी मां ने मसूरी पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें दावा किया गया कि हमारा गिरधर लापता है। 12 जून को मसूरी नहर में एक शव मिला। 13 जून को परिवार ने शव की पहचान गिरधर के रूप में की। पुलिस ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम किया गया जिसमें पता चला कि मौत डूबने के कारण हुई है जिसके बाद शव परिवार को सौंप दिया गया।

गिरधर की वापसी के बाद, पुलिस ने कहा कि ऐसा लगता है कि जेल से रिहा होने के बाद वह पंजाब में राधा स्वामी सत्संग ब्यास गए थे। गिरधर के परिवार ने आरोप लगाया कि उसकी हत्या की गई थी। पुलिस ने बताया कि शैलेश और कई अन्य लोगों के खिलाफ हत्या के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “वह जिंदा हैं, अब जांच एक अलग एंगल से की जा रही है।”

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उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में शुक्रवार करीब 6:30 बजे एक एलपीजी टैंकर बेकाबू होकर टोल प्लाजा से टकरा गया। जिसके बाद टैंकर में ब्लास्ट के साथ आग लग गई। हादसे में पांच टोल कर्मचारी झुलस गए। टैंकर के ड्राइवर और कंडक्टर ने कूदकर जान बचाई। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें