फर्जी दस्तावेजों की मदद से बैंक खाता खोलकर साइबर धोखाधड़ी गिरोह की मदद करने के आरोप में 35 वर्षीय एक बैंक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है। गाजियाबाद निवासी इरशाद मलिक एक निजी बैंक में कार्यरत था और उस पर आरोप है कि फर्जी खाते के माध्यम से धन की हेराफेरी में उसने जालसाजों की मदद की।

पुलिस ने रविवार को बताया कि यह मामला अक्तूबर 2023 में द्वारका में दर्ज की गई एक प्राथमिकी से संबंधित है, जो एक पुलिस अधिकारी की शिकायत के बाद दर्ज की गई थी। शिकायत में अधिकारी ने अपनी सहमति या ओटीपी प्रमाणीकरण के बिना अपने खाते से 88,000 रुपए की अनधिकृत निकासी का आरोप लगाया था।

पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि यह राशि एक निजी फर्म के नाम पर खोले गए एक निजी बैंक खाते में भेजी गई थी। जांच में पता चला कि मनमोहन सिंह नामक एक व्यक्ति के दस्तावेजों का उपयोग करके धोखाधड़ी से खाता खोला गया था, जिसने ऐसे किसी खाते के बारे में जानकारी होने से इनकार किया। फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की जांच में पता चला कि खाता खोलने के फॉर्म पर किए गए हस्ताक्षर जाली थे और खाता उचित केवाईसी सत्यापन के बिना खोला गया था।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि मलिक सह-आरोपी हरजिंदर उर्फ हरजी के संपर्क में आया, जिसने उसे कमीशन के बदले ऐसे खातों को संचालित करने में मदद करने को कहा। अधिकारी ने कहा कि विशिष्ट सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए, टीम ने 10 अप्रैल को न्यू फ्रेंड्स कालोनी से मलिक को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान, उसने जानबूझकर जाली दस्तावेजों पर खाता खोलने और धोखाधड़ी से प्राप्त धन को इधर-उधर भेजने के लिए कमीशन लेने की बात स्वीकार की। जांचकर्ताओं ने कहा कि इस खाते का इस्तेमाल एक बड़े साइबर धोखाधड़ी रैकेट में किया गया।

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गाजियाबाद की एक कालोनी में सगे मामा ने शनिवार को मासूम भांजी की बलात्कार के बाद गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी शव को शालीमार गार्डन थाना क्षेत्र में फेंककर फरार हो गया। पिता की तहरीर पर पुलिस ने पाक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमों को लगाया गया है। पूरी खबर पढ़ें…