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वसुंधरा से खफा कार्यकर्ताओं को एकजुट करने में लगे तिवाड़ी

वरिष्ठ विधायक घनश्याम तिवाड़ी अब राजस्थान में वसुंधरा राजे सरकार की कार्यशैली से नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाने की कसरत में जुट गए हैं..

Author जयपुर | December 24, 2015 01:04 am
राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे। (पीटीआई फाइल फोटो)

वरिष्ठ विधायक घनश्याम तिवाड़ी अब राजस्थान में वसुंधरा राजे सरकार की कार्यशैली से नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाने की कसरत में जुट गए हैं। इसके लिए उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय स्मृति संस्थान को जरिया बनाया है। इस संस्थान की तरफ से 24 दिसंबर को यहां एक प्रतिनिधि सम्मेलन होगा। इसमें तिवाड़ी उपाध्याय के विचारों के साथ ही वसुंधरा सरकार की कार्यशैली को निशाना बनाएंगे। इस सम्मेलन में प्रदेश भर से ऐसे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का जमघट होगा जो मौजूदा सरकार और संगठन के नेतृत्व से नाराज हैं। इस आयोजन पर प्रदेश भाजपा नेतृत्व की निगाहें भी लगी हुई हैं।

राज्य में दो साल पूरे कर चुकी भाजपा की वसुंधरा सरकार को अब अपनी ही पार्टी के बडेÞ नेता और दमदार विधायक पूर्व मंत्री घनश्याम तिवाड़ी से चुनौती मिल रही है। प्रदेश भाजपा के कद्दावर नेता तिवाड़ी सरकार और संगठन में हाशिए पर चल रहे हैं। तिवाड़ी पर पिछले दिनों ही शहर भाजपा के एक प्रशिक्षण कार्यक्रम में बदसलूकी भी हुई थी। इस घटना के बाद से ही तिवाड़ी समर्थक खासे नाराज हो गए थे। तिवाड़ी के बेटे अखिलेश तिवाड़ी की अगुआई में ही दीनदयाल स्मृति संस्थान का गठन किया गया है। इस संस्थान की तरफ से 24 दिसंबर को होने वाले सम्मेलन के मुख्य वक्ता घनश्याम तिवाड़ी होंगे। सम्मेलन में आने वालों का पंजीकरण पूरा हो गया है। अखिलेश तिवाड़ी का कहना है कि सम्मेलन में भाजपा के कई पूर्व पदाधिकारी और नेता शामिल होंगे। उनका कहना है कि सत्ता और संगठन में दलालों का बोलबाला हो गया है। दीनदयाल उपाध्याय के विचारों का प्रसार-प्रचार करने और सही शासन व्यवस्था के लिए सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।

प्रदेश भाजपा की मौजूदा व्यवस्था से नाराज चल रहे विधायक घनश्याम तिवाड़ी का कहना है कि उनका मकसद से दीनदयाल उपाध्याय के विचारों से कार्यकर्ताओं को जोडना है। तिवाड़ी ने इस बात से साफ इनकार किया कि उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया है, इसलिए वे विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार गठन के समय ही उन्होंने साफ कर दिया था कि वे मंत्री नहीं बनेंगे। तिवाड़ी का कहना है कि पूरे प्रदेश भर में दौरे कर भाजपा कार्यकर्ताओं को जागरूक किया जाएगा और संगठन को मजबूत बनाया जाएगा। जयपुर शहर की सांगानेर विधानसभा सीट से विधायक तिवाड़ी आरएसएस से जुडेÞ हैं। उन्होंने जयपुर शहर में मंदिर तोडेÞ जाने के दौरान भी सरकार की कार्यशैली की आलोचना की थी। उनका मानना है कि मौजूदा शासन में भ्रष्टाचार बढ़ गया है। इस पर अंकुश लगाने का काम भाजपा का निष्ठावान कार्यकर्ता ही कर सकता है।

तिवाड़ी के सम्मेलन को लेकर प्रदेश भाजपा में खासी हलचल है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अशोक परनामी के जयपुर से बाहर होने के कारण संगठन ने अभी इस मामले में चुप्पी साध रखी है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि सम्मेलन में होने वाले भाषण के बाद ही इस मामले को पार्टी देखेगी। इसके साथ ही इसमें शामिल होने वाले बडेÞ नेताओं पर भी संगठन निगाहें रख रहा है।

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