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जनरल हुड्डा ने पाकिस्तान को दी चेतावनी, कहा- ‘जब चाहे कर सकते हैं सर्जिकल स्ट्राइक’

सरकार अगर पड़ोसी मुल्क को दोबारा कड़ा संदेश देना चाहे तो फिर से ऐसी कार्रवाई की जाएगी। लेफ्टिनेंट जनरल हुड्डा उस लक्षित हमले के दौरान सेना की उत्तरी कमान के प्रमुख थे और उनकी देखरेख में ही उस हमले को अंजाम दिया गया था।

उत्तरी कमान के पूर्व प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) दीपेंदर सिंह हुड्डा

उत्तरी कमान के पूर्व प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) दीपेंदर सिंह हुड्डा ने कहा है कि भारत जब भी चाहे पाकिस्तान पर लक्षित हमला (सर्जिकल स्ट्राइक) कर सकता है। उन्होंने कहा कि सितंबर 2016 में पाक अधिकृत कश्मीर में चल रहे आतंकी शिविरों पर लक्षित हमले का फैसला केंद्र सरकार के राजनीतिक नेतृत्व का था और सेना ने उसे अंजाम दिया था। सरकार अगर पड़ोसी मुल्क को दोबारा कड़ा संदेश देना चाहे तो फिर से ऐसी कार्रवाई की जाएगी। लेफ्टिनेंट जनरल हुड्डा उस लक्षित हमले के दौरान सेना की उत्तरी कमान के प्रमुख थे और उनकी देखरेख में ही उस हमले को अंजाम दिया गया था।

लक्षित हमले का ताजा वीडियो बुधवार को जारी होने के बाद शुरू हुए राजनीतिक वाद-विवाद के बीच लेफ्टिनेंट जनरल हुड्डा फिर चर्चा में हैं और उन्होंने शुक्रवार को तब की कार्रवाई को लेकर कई बातें स्पष्ट कीं। साथ ही, उन्होंने दोबारा उसी तरह के हमले को लेकर पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दे डाली। कश्मीर में आतंकी मामलों के विशेषज्ञ माने जाने वाले जनरल हुड्डा सेवानिवृत्ति के बाद रक्षा और गृह मंत्रालय में विभिन्न एजंसियों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘लक्षित हमला करने का फैसला राजनीतिक नेतृत्व की तरफ से आया था। सेना का मानना था कि हमें कुछ करने की जरूरत है। अगर हम भविष्य में पाकिस्तान को एक और संदेश देना चाहते हैं, हम यह दोबारा कर सकते हैं।’

29 सितंबर, 2016 के लक्षित हमले का आठ मिनट का वीडियो बुधवार को समाचार चैनलों पर प्रसारित किया गया। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि सेना के विशेष बलों ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार कर चार आतंकी शिविरों को नष्ट किया। पूरे अभियान का वीडियो ड्रोन और अनमैन्ड एरियल वीकल (यूएवी) से बनाया गया। साथ ही, थर्मल इमेजिंग कैमरा का भी इस्तेमाल किया गया। जनरल हुड्डा ने कहा, ‘पूरे अभियान को उधमपुर स्थित उत्तरी कमान मुख्यालय के नियंत्रण कक्ष से मॉनिटर किया जा रहा था। आतंकी शिविर पाकिस्तान फौज की पोस्ट के करीब स्थित थे। पूरा अभियान छह घंटे में पूरा हुआ।’ 18 सितंबर को उड़ी में भारतीय सेना के शिविर पर हुए आतंकी हमले के जवाब में यह हमला भारतीय फौज ने अंजाम दिया था।

लेफ्टिनेंट जनरल हुड्डा ने कहा कि जो ताजा वीडियो जारी किया गया है, वह वही है जो अभियान के दौरान तैयार किया गया था। अभियान के बाद उत्तरी कमान मुख्यालय में उन्होंने अपने साथियों के साथ पूरे अभियान का वीडियो देखा था और उसे सेना मुख्यालय भेजा था। जनरल हुड्डा को कश्मीर मामलों में विशेषज्ञता हासिल है। उन्होंने न केवल नगरोटा स्थित व्हाइट नाइट (16 कोर) के जनरल आॅफिसर कमांडिंग के तौर पर काम किया है बल्कि उत्तरी कमान के जनरल आॅफिसर कमांडिंग-इन चीफ भी रहे हैं। वे इस पद पर सितंबर 2016 में पाकिस्तानी सीमा में घुस कर किए गए लक्षित हमले के समय तक थे। वे मानवाधिकारों पर अधिक जोर देते हैं। चालीस वर्ष के अपने सेवा काल में उन्होंने भारत की उत्तरी और पूर्वी सीमाओं पर काम किया है।

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