ताज़ा खबर
 

जीडी अग्रवाल की मौत को गुरु ने बताया हत्‍या, एम्‍स डायरेक्‍टर के बयान से बढ़ा सस्‍पेंस

ऋषिकेश एम्स के निदेशक डॉक्टर रविकांत ने पत्रकारों को बताया कि स्वामी सानंद ने अनशन खत्म करने का मन बना लिया था लेकिन कोई उन्हें बार-बार फोन और एसएमएस कर अनशन न तोड़ने के लिए प्रेरित किए जा रहा था। डॉक्टर ने हालांकि उस शख्स का नाम नहीं बताया।

Author October 12, 2018 6:14 PM
पर्यावरणविद् और संत जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद की गुरुवार (11 अक्टूबर) को गंगा बचाने के चले आ रहे 112 दिनों लंबे उपवास के दौरान मौत हो गई। उनकी मौत पर संत समाज संदेह जता रहा है। (Image Source: Facebook/Uttarakhand Ekta Manch Delhi)

महान पर्यावरणविद् जीडी अग्रवाल से संन्यासी बने स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद की मौत को उनके गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने हत्या बताया है। अविमुक्तेश्वरानंद ने गुरुवार (11 अक्टूबर) को काशी में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जो व्यक्ति 111 दिनों की तपस्या के बावजूद प्रेस विज्ञप्ति लिख सकता है उसे दिल का दौरा नहीं पड़ सकता। उन्होंने कहा कि सानंद 111 दिनों की तपस्या करते हुए हरिद्वार के आश्रम में एकदम स्वस्थ थे लेकिन जब वह अस्पताल में चिकित्सकों की देखरेख में थे तो उनका निधन कैसे हो सकता है? उन्होंने कहा कि पूरे आसार है कि स्वामी सानंद की हत्या की गई है। अविमुक्तेश्वरानंद ने सानंद के निधन की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि दिल का दौरा पड़ने वाले व्यक्ति को आईसीयू में भर्ती क्यों नहीं किया गया? शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के उत्तराधिकारी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उन्हें अपने शिष्य सानंद पर गर्व है और उनके जाने से गंगा अभियान नहीं थमेगा। ऋषिकेश एम्स के निदेशक डॉक्टर रविकांत ने पत्रकारों को बताया कि स्वामी सानंद ने अनशन खत्म करने का मन बना लिया था लेकिन कोई उन्हें बार-बार फोन और एसएमएस कर अनशन न तोड़ने के लिए प्रेरित किए जा रहा था। डॉक्टर ने हालांकि उस शख्स का नाम नहीं बताया।

वहीं, हरिद्वार स्थित मातृ सदन के परमाध्यक्ष शिवानंद सरस्वती ने स्वामी सानंद की मौत को सरकार के इशारे पर की गई हत्या बताया। शिवानंद सरस्वती ने आरोप लगाया कि हरिद्वार का जिला प्रशासन, एम्स के डायरेक्टर और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी स्वामी सानंद की हत्या के लिए जिम्मेदार हैं। पत्रकारों से बात करते हुए स्वामी शिवानंद ने आरोप लगाया कि स्वामी सानंद की सुनियोजित हत्या की गई। उन्होंने कहा कि बुधवार (10 अक्टूबर) की दोपहर को प्रशासन ने जब जबरन उन्हें उठाकर ऋषिकेश के एम्स में भर्ती कराया तब वह एकदन ठीक थे। फिर अचानक उनकी तबीयत कैसे बिगड़ गई कि उनकी मौत हो गई।

शिवानंद ने कहा कि वह पहले ही आशंका जता चुके थे कि स्वामी सानंद की हत्या के लिए उन्हें एम्स ले जाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि खनन माफिया और उन्हें संरक्षण देने वाले सानंद की मौत के लिए जिम्मेदारा हैं। उन्होंने एक और दिवंगत संन्यासी स्वामी निगमानंद की मौत का उदाहरण देते हुए कहा कि खनन माफिया के ही इशारे पर उनकी हत्या हुई थीं। स्वामी शिवानंद ने स्वामी सानंद की मौत को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने पीएम मोदी को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्हें क्या गंगा मां ने उन्हें इसीलिए बुलाया था कि वे भक्तों का बलिदान लेते रहें।

बता दें कि आईआईटी कानपुर में फैकल्टी और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य रह चुके पूर्व पर्यावरणविद् और वैज्ञानिक जीडी अग्रवाल गंगा को बचाने के लिए बीते 22 जून को अनशन पर बैठे थे। वह सरकार से गंगा को बचाने के लिए कानून बनाने की मांग कर रहे थे। गुरुवार (11 अक्टूबर) को उपवास के 112वें दिन उनका निधन हो गया। उनकी मौत के बाद सियासत गहराने लगी है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

X