गौतमबुद्ध नगर जिले में निबंधन विभाग ने स्टांप शुल्क की चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। नोएडा में जनवरी माह में हुई बड़ी और बेशकीमती रजिस्ट्रियों की जांच के दौरान भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। इसके बाद विभाग ने 53 संपत्ति खरीदारों को नोटिस जारी कर दिया है। विभागीय जांच में खुलासा हुआ कि दस्तावेजों में हेराफेरी और मिलीभगत के जरिए शासन को लगभग दो करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान पहुंचाया गया। यह मामला जनवरी में पंजीकृत दस्तावेजों की स्क्रूटनी और भौतिक सत्यापन के बाद सामने आया है।
निबंधन विभाग ने जिला प्रशासन की टीम के साथ मिलकर जब जमीनों और निर्मित भवनों का मौके पर निरीक्षण किया, तो पाया गया कि कागजों में दर्शाया गया क्षेत्रफल और वास्तविक क्षेत्रफल में बड़ा अंतर है। स्टांप शुल्क बचाने के उद्देश्य से कई संपत्तियों का क्षेत्रफल कम दर्शाया गया था। इतना ही नहीं, कुछ मामलों में व्यावसायिक संपत्तियों को रिहायशी बताकर रजिस्ट्री कराई गई।
फर्जीवाड़ा कर रजिस्ट्री कराने वालों में हड़कंप मचा
सभी 53 मामलों में कम चुकाए गए स्टांप शुल्क का कुल आंकलन करने पर करीब दो करोड़ रुपए की कमी पाई गई। निबंधन विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र के भू-माफियाओं और फर्जीवाड़ा कर रजिस्ट्री कराने वालों में हड़कंप मच गया है। विभाग ने सभी संबंधित लोगों को नोटिस भेजकर अंतिम चेतावनी दी है।
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि बकाया स्टांप शुल्क के साथ भारी जुर्माना भी वसूला जाएगा। निबंधन विभाग ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय के भीतर भुगतान न करने पर संबंधित संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई की जाएगी और आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी कर वसूली सुनिश्चित की जाएगी। निबंधन विभाग के अधिकारियों ने साफ किया है कि भविष्य में भी इस तरह की जांच अभियान जारी रहेंगे, ताकि राजस्व चोरी पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।
लापरवाही पर होगी कानूनी कार्रवाई
सहायक महानिरीक्षक अरुण कुमार शर्मा ने कहा कि सभी संपत्ति खरीदारों को नोटिस जारी कर चेतावनी दे दी गई है। अगर इनकी ओर से फिर भी लापरवाही की गई तो इनपर कानूनी कार्रवाई के लिए विभाग तैयार है।
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केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत रोजगार आधारित प्रोत्साहन (ईएलआइ) का लाभ जिले में सुस्त रफ्तार से लागू हो पा रहा है। जिले की लगभग 1,700 पात्र कंपनियों ने अब तक योजना के लिए अनिवार्य पंजीकरण नहीं कराया है, जिससे अगले महीने नए कर्मचारियों को मिलने वाली पहली किश्त अटकने की आशंका बढ़ गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें।
