गौतमबुद्धनगर जिले में रोजगार और औद्योगिक विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है। भविष्य के वैश्विक आर्थिक केंद्र के रूप में उभरते इस जिले में निजी निवेश की रफ्तार ने पिछले सभी रिकार्ड तोड़ दिए हैं। भविष्य की संभावनाओं का अंदाजा भविष्य निधि विभाग (पीएफ आफिस) के ताजा आंकड़ों से लगाया जा सकता है, जो यह दर्शाते हैं कि जिले में बीते दो वित्तीय वर्षों के दौरान व्यापारिक और औद्योगिक गतिविधियों में अभूतपूर्व उछाल आया है। गौतमबुद्धनगर जिले में रोजगार और औद्योगिक विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है। भविष्य के वैश्विक आर्थिक केंद्र के रूप में उभरते इस जिले में निजी निवेश की रफ्तार ने पिछले सभी रिकार्ड तोड़ दिए हैं।

12,443 नई कंपनियां रजिस्टर

सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस अल्पावधि में नोएडा के पीएफ विभाग में कुल 12,443 नई कंपनियां रजिस्टर हुई हैं, जो सीधे तौर पर यहां के सकारात्मक कारोबारी माहौल की तस्दीक करती हैं। रोजगार के मोर्चे पर भी यह विकास अत्यंत उत्साहजनक परिणाम लेकर आया है। इन दो वर्षों के दौरान नई पंजीकृत कंपनियों के माध्यम से लगभग 1.23 लाख लोगों को स्थाई रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं।

दिलचस्प बात यह है कि विकास की यह गति निरंतर तेज हो रही है, जिसका सबसे अधिक प्रभाव पिछले वित्तीय वर्ष में देखने को मिला है। अकेले पिछले वर्ष के भीतर ही 8,533 नई छोटी-बड़ी कंपनियों ने अपना पंजीकरण कराया, जिनके माध्यम से करीब 64 हजार लोगों को नौकरी के अवसर मिले। यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि कोरोना काल के बाद जिले ने न केवल वापसी की है, बल्कि विकास की एक नई और स्थायी पटरी पर कदम रख दिया है। गौतमबुद्धनगर जिले में औद्योगिक विकास और नौकरियों की इस तेजी के पीछे कई ठोस कारण और रणनीतिक योजनाएं काम कर रही हैं। सबसे प्रमुख कारण जेवर में बन रहा नोएडा अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जिसकी वजह से देशी और विदेशी कंपनियां अपनी विनिर्माण इकाइयां यहां स्थापित करने के लिए होड़ लगा रही हैं।

क्या है जिले की खासियत?

इसके अलावा, उत्तर प्रदेश सरकार की निवेश-मित्र नीतियों व सिंगल विंडो सिस्टम ने उद्यमियों के भीतर विश्वास जगाया है। भौगोलिक दृष्टि से दिल्ली से सटा होना भी गौतमबुद्धनगर के पक्ष में जाता है। यहां डाटा सेंटर केंद्र, मोबाइल विनिर्माण क्लस्टर और लाजिस्टिक्स पार्कों का जाल बिछने से कुशल और अकुशल, दोनों श्रेणियों के श्रमिकों के लिए बड़े पैमाने पर विकल्प खुले हैं। साथ ही, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के आगमन ने इस क्षेत्र को उत्तर भारत के सूचना प्रौद्योगिकी और विनिर्माण केंद्र के रूप में मजबूती से स्थापित कर दिया है।

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यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों को जमीन आवंटित करना शुरू कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर