गौतमबुद्ध नगर देश की अर्थव्यवस्था और वैश्विक व्यापार का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। औद्योगिक विकास, इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से बढ़ती कनेक्टिविटी के चलते जिले के निर्यात में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय तथा स्थानीय निर्यात संवर्द्धन से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले से 1.10 लाख करोड़ रुपए (11,593 मिलियन अमेरिकी डालर) का निर्यात हुआ, जबकि वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा 1.05 लाख करोड़ रुपए (11,090.84 मिलियन अमेरिकी डालर) रहा था।

रेडीमेड गारमेंट उद्योग ने भी वैश्विक बाजार में अपनी पकड़ मजबूत की है। सूती कपड़ों से बने परिधानों का निर्यात 2024-25 में 2,382 करोड़ रुपए रहा, जो अगले वित्तीय वर्ष में बढ़कर 2,418 करोड़ रुपए हो गया। वहीं कृत्रिम धागों से तैयार परिधानों का निर्यात 1,549 करोड़ रुपए और पारंपरिक भारतीय परिधानों का निर्यात 888 करोड़ रुपए दर्ज किया गया। इलेक्ट्रानिक्स और वस्त्र उद्योग के अलावा गौतमबुद्ध नगर ने इंजीनियरिंग, कृषि और आटोमोबाइल क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है।

अन्य विविध उत्पादों का निर्यात 1,732 करोड़ रुपए रहा, जबकि फ्रोजन बोनलेस मीट का निर्यात 1,536 करोड़ रुपए दर्ज किया गया। कृषि उपकरणों की श्रेणी में 37 से 75 किलोवाट क्षमता वाले ट्रैक्टरों का निर्यात 965 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। इसके साथ ही बासमती चावल का निर्यात 1,000 करोड़ रुपए और आटोमोबाइल पुर्जों एवं एक्सेसरीज का निर्यात 785 करोड़ रुपए रहा। इस पूरे परिदृश्य को यदि एक व्यापक नजरिए से देखा जाए, तो गौतमबुद्ध नगर आज केंद्र सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ और राज्य सरकार की ‘पिच फार प्रोग्रेस’ नीतियों का सबसे सफल उदाहरण बन चुका है। नोएडा ने यह साबित कर दिया है कि सही नीतियां, बेहतर कनेक्टिविटी और सुरक्षा का माहौल मिले तो भारतीय उद्योग दुनिया के किसी भी देश से मुकाबला कर सकते हैं।

आने वाले समय में जब जेवर का नोएडा अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डा पूरी तरह चालू हो जाएगा, तब यहां के लाजिस्टिक्स और कार्गो मूवमेंट को एक नई उड़ान मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा का यह बढ़ता कदम सिर्फ कुछ हजार करोड़ का निर्यात नहीं है, बल्कि यह बदलते हुए आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की वह बुलंद तस्वीर है जो आने वाले समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा और दशा तय करने जा रही है।

मोबाइल फोन की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा

निर्यात वृद्धि में सबसे बड़ी भूमिका नोएडा के मोबाइल विनिर्माण उद्योग की रही है। जिले के कुल निर्यात में मोबाइल फोन और उनसे जुड़े कलपुर्जों की हिस्सेदारी 40 फीसद से अधिक हो चुकी है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 39,324 करोड़ रुपए मूल्य के मोबाइल फोन निर्यात किए गए थे, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 41,235 करोड़ रुपए तक पहुंच गए। यहां निर्मित मोबाइल फोन अमेरिका, यूरोप और खाड़ी देशों सहित दुनिया के कई बड़े बाजारों में भेजे जा रहे हैं। जिले के ज्वेलरी उद्योग ने भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। सोने के बिना नगीने वाले आभूषणों का निर्यात वर्ष 2024-25 में 3,555.92 करोड़ रुपए रहा, जो 2025-26 में बढ़कर 4,112 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। जिले के कुल निर्यात में इस क्षेत्र की हिस्सेदारी लगभग चार फीसद है।

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नोएडा के सेक्टर-146-147 से ग्रेनो के एलजी चौक की ओर जोड़ने के लिए बन रहा लिंक मार्ग एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा। जिसके लिए वाहनों को 45 मीटर चौड़ी सड़क पार करनी होगी। इसके बाद वह सेक्टर-146 में बन रहे भूमिगत मार्ग के जरिए एक्सप्रेस-वे पर आ सकेंगे। यातायात को व्यवस्थित करने के लिए 45 मीटर मार्ग पर एक लालबत्ती लगाने की भी योजना है। इस मार्ग के बनने से करीब दो लाख वाहन चालकों को राहत होगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक