गौतमबुद्ध नगर में अपने वाहनों को अन्य राज्यों में स्थानांतरित करने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन जानकारी के अभाव में वाहन मालिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। परिवहन नियमों के तहत, यदि कोई व्यक्ति अपने वाहन को पंजीकरण अवधि (10 या 15 वर्ष) पूरी होने से पहले दूसरे राज्य में ले जाकर वहां पुन: पंजीकृत कराता है, तो शेष अवधि का अग्रिम पथ कर उसे वापस मिलना चाहिए।

वास्तविकता यह है कि जिले के हजारों वाहन स्वामी इस नियम से अनजान हैं, जिसके कारण करोड़ों रुपए की रिफंड राशि परिवहन विभाग के खातों में ही जमा रह जाती है। पिछले तीन वित्तीय वर्षों के आंकड़े इस समस्या की गंभीरता को उजागर करते हैं। इस दौरान करीब 4,143 वाहनों का दूसरे राज्यों में स्थानांतरण हुआ, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण उनमें से मात्र 143 लोगों ने ही अपनी राशि वापस पाने के लिए आवेदन किया।

नियमों के अनुसार, वाहन मालिक को दूसरे राज्य में पंजीकरण के 90 दिनों के भीतर रिफंड के लिए आवेदन करना अनिवार्य है, अन्यथा यह राशि विभाग के खाते में चली जाती है। रिफंड प्रक्रिया के लिए नए राज्य का पंजीकरण प्रमाण पत्र, पुराने राज्य का एनओसी, मूल दस्तावेज और निर्धारित फार्म जमा करना होता है।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है, लेकिन लोग अक्सर एनओसी लेने के बाद दूसरे राज्य में पंजीकरण कराकर प्रक्रिया को समाप्त मान लेते हैं। वे यह भूल जाते हैं कि उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार को 15 वर्षों का एकमुश्त कर दिया है और यदि वे वाहन का उपयोग यहां 10 साल ही करते हैं, तो शेष पांच वर्षों का कर वापस पाने के वे पूर्ण हकदार हैं।

प्रशासन अब इस दिशा में जागरूकता बढ़ाने की बात कर रहा है, ताकि लोगों की मेहनत की कमाई उन्हें वापस मिल सके और विभाग की कार्यप्रणाली पर भी पारदर्शिता बनी रहे।

वास्तविकता यह है कि जिले के हजारों वाहन स्वामी इस नियम से अनजान हैं, जिसके कारण करोड़ों रुपए की रिफंड राशि परिवहन विभाग के खातों में ही जमा रह जाती है। नियमों के अनुसार, वाहन मालिक को दूसरे राज्य में पंजीकरण के 90 दिनों के भीतर रिफंड के लिए आवेदन करना अनिवार्य है, अन्यथा यह राशि विभाग के खाते में चली जाती है।

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देश में हर नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है। यह अपनी मांगों को प्रभावी ढंग से शासन-प्रशासन के समक्ष रखने का एक तरीका हो सकता है। मगर उत्तर प्रदेश के नोएडा में सोमवार को अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे श्रमिकों का प्रदर्शन जिस तरह हिंसा और आगजनी में तब्दील हो गया, वह वास्तव में चिंताजनक है। कई इलाकों में यातायात ठप हो गया, वाहनों में तोड़फोड़ कर उन्हें आग के हवाले कर दिया गया और कुछ जगह पुलिस से झड़प के दौरान पत्थरबाजी भी गई। पूरी खबर पढ़ें….