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WhatsApp चैट विवाद: अर्नब गोस्वामी पर कसेगा शिकंजा? महाराष्ट्र के गृह मंत्री ने कहा- डिटेल पता करा रहे हैं

गोस्वामी और दासगुप्ता के बीच हुई बातचीत लीक हो गई थी जिसमें बालाकोट और पुलवामा हमले जैसे संवेदनशील मुद्दों का उल्लेख किया गया है।

Author नई दिल्ली | January 19, 2021 11:40 AM
maharashtra home minister arnab goswamiमहाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख। (ANI)

WhatsApp चैट विवाद में रिपब्लिक टीवी के एडीटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अब महाराष्ट्र सरकार ने गोस्वामी और ‘बार्क’ के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी पार्थ दासगुप्ता के बीच हुई बातचीत के बारे में जानकारी इकट्ठा करना शुरू कर दिया है। राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज यानी मंगलवार को इस मुद्दे पर मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा की जाएगी।

गोस्वामी और दासगुप्ता के बीच हुई बातचीत लीक हो गई थी जिसमें बालाकोट और पुलवामा हमले जैसे संवेदनशील मुद्दों का उल्लेख किया गया है। देशमुख ने सोमवार रात कहा कि ऐसी संवेदनशील जानकारी गोस्वामी को कैसे मिली यह एक बड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा, ‘अर्नब गोस्वामी और पार्थ दासगुप्ता के बीच हुई बातचीत के बारे में हम जानकारी एकत्र कर रहे हैं। उस चैट में बालाकोट और पुलवामा हमले जैसे संवेदनशील मुद्दों का उल्लेख किया गया है। अर्नब को यह सूचना कैसे मिली यह बड़ा प्रश्न है।’ उन्होंने कहा कि आज मुंबई में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक होने वाली है।

इधर अर्नब और पार्थ दासगुप्ता के बीच व्हाट्सएप पर हुई बातचीत के परिप्रेक्ष्य में न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (एनबीए) ने प्रतिक्रिया दी है। इसने कहा कि चिंताओं के समाधान के लिए टीवी रेटिंग्स एजेंसी द्वारा कार्रवाई किए जाने तक टेलीविजन समाचार चैनलों की रेटिंग्स स्थगित रहनी चाहिए। रजत शर्मा के नेतृत्व वाले एनबीए ने एक बयान में कहा कि यह देखना ‘निराशाजनक है कि बार्क के पूर्व सीईओ पार्थ दासगुप्ता और एआरजी आउटलियर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अर्नब गोस्वामी के बीच व्हाट्सएप पर सैकड़ों संदेशों का आदान-प्रदान हुआ।’

एनबीए ने मांग की कि रिपब्लिक टीवी की इंडियन ब्राडकास्टिंग फाउंडेशन की सदस्यता तत्काल प्रभाव से निलंबित की जानी चाहिए, जब तक कि रेटिंग्स से छेड़छाड़ से जुड़ा मामला अदालत में लंबित है। बयान के मुताबिक एनबीए ने बार्क से कहा कि ऑडिट के दौरान रेटिंग की सच्चाई पर वह स्पष्ट बयान जारी करे और हिंदी समाचार क्षेत्र का भी ऑडिट कराए।

इसने रेटिंग एजेंसी से मांग की, ‘पथभ्रष्ट प्रसारक का डाटा हटाया जाए और शुरुआत से सभी समाचार चैनलों की रैकिंग की स्थिति जारी की जाए।’ इसने कहा कि प्रक्रिया में पारर्दिशता लाने और रेटिंग को सुरक्षित बनाने के लिए पिछले तीन महीने में उठाए गए ठोस कदमों के बारे में बार्क को जानकारी देनी चाहिए। इसने कहा कि बार्क द्वारा इस तरह की कार्रवाई का ब्यौरा संबंधित पक्षों के साथ साझा करने तक सभी समाचार चैनलों की रेटिंग स्थगित रहनी चाहिए।

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