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बेल पर रिहा गैंगस्टर बना दिल्ली पुलिस के लिए सिरदर्द, हत्या के कई मामलों में मिला उसका हाथ, अरेस्ट को बनाई स्पेशल टीम

दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि पिछले साल जमानत पर रिहा हुआ कुख्यात गैंगस्टर शाहरुख हत्या के कई मामलों में शामिल है और पुलिस के लिए एक बड़ा सिरदर्द बन गया है।

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः Freepik)

दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि पिछले साल जमानत पर रिहा हुआ कुख्यात गैंगस्टर शाहरुख हत्या के कई मामलों में शामिल है और पुलिस के लिए एक बड़ा सिरदर्द बन गया है। गैंगस्टर कई अपराधों में भी शामिल है। पुलिस ने कहा कि पिछले साल जेल से रिहा होने के बाद से, शाहरुख कई हत्याओं, हत्या के प्रयास और एक गैंग वॉर में शामिल रहा है।

पुलिस ने बताया कि दक्षिणी दिल्ली के अंबेडकर नगर के रहने वाले शाहरुख को हाल ही में एक शादी समारोह में हवा में फायरिंग करते देखा गया था। वीडियो में, शाहरुख हवा में तीन-चार बार फायरिंग करते हुए दिखाई दे रहा है, जिसमें उनके पास देखे गए कई बच्चों सहित कई लोगों की जान जोखिम में है। वह पूर्वी दिल्ली के मंडावली में एक गैंगवार में भी शामिल था, जिसके दौरान उसने कई राउंड की फायरिंग की। शाहरुख को गिरफ्तार करने के लिए दिल्ली पुलिस ने अब स्पेशल टीम का गठन किया है। शाहरुख कुख्यात गैंगस्टर हाशिम बाबा का करीबी बताया जाता है, जो इस समय जेल में बंद है।

मालूम हो कि आज दिल्ली की एक अदालत ने 2020 में उत्तर पूर्व दिल्ली में हुए दंगों से जुड़े हत्या के एक मामले के दो आरोपियों की जमानत याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि दोनों के खिलाफ लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव ने वेटर दिलबर नेगी की हत्या मामले के आरोपी राशिद और शोएब की जमानत याचिका खारिज कीं। नेगी का शव मिठाई की स्थानीय दुकान में जला हुआ मिला था।

जमानत देने से इनकार करने के लिए न्यायाधीश ने आरोप-पत्र, अभियोजन एवं बचाव पक्ष द्वारा अदालत में चलाई गई सीसीटीवी फुटेज और वीडियो फुटेज पर भरोसा जताया। अदालत ने कहा, “प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट है कि आवेदक गैरकानूनी सभा का हिस्सा थे जो उस गोदाम को आग लगाने की जिम्मेदार थी जिसमें मृतक दिलबर नेगी मौजूद था।”

अदालत ने कहा कि दोनों आरोपी सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट तौर पर उत्तेजित मुद्रा में अपने हाथों में एक छड़ लिए हुए और दंगाई भीड़ के अन्य सदस्यों को उकसाते हुए दिख रहे हैं।

कोर्ट ने कहा कि यह भी साफ है कि घातक हथियारों से लैस दंगाई भीड़ ने तोड़-फोड़ और लूट की और उनका मुख्य उद्देशय दूसरे समुदाय के लोगों की जिंदगियों एवं संपत्तियों को ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाना था।

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