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‘कोरोना की सुनामी’ के बीच ऑक्सीजन की आस में दिल्ली के अस्पताल, बोले गंगाराम के मुखिया- सरकार खुद लाचार, हम कैसे करें काम?

कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण दिल्ली के कई अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति ठीक ढंग से नहीं हो पा रही है। ऑक्सीजन की कमी की वजह से दिल्ली के जयपुर गोल्डन अस्पताल में 20 मरीजों की मौत हो गई।

Author Edited By रुंजय कुमार नई दिल्ली | April 24, 2021 4:03 PM
gangaram, oxygen crisis, delhiगंगाराम अस्पताल के प्रमुख डॉ डी एस राणा ने कहा कि अस्पताल में कोविड बेड जरुर बढ़ा दिए गए हैं लेकिन ऑक्सीजन पर्याप्त नहीं है। इस स्थिति में हमें काम करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। (फोटो – पीटीआई)

कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में वृद्धि के बीच राष्ट्रीय राजधानी के कई अस्पताल शनिवार को भी ऑक्सीजन की कमी से जूझते नजर आए। दिल्ली के गंगाराम अस्पताल के प्रमुख डॉ डी एस राणा ने ऑक्सीजन संकट को लेकर कहा कि सरकार इस स्थिति से निबटने के लिए भरसक प्रयास कर रही है लेकिन शायद वह खुद भी लाचार है। साथ ही डी एस राणा ने कहा कि हमने मदद के लिए केंद्र से और राज्य से अपील है। अस्पताल में कोविड बेड जरुर बढ़ा दिए गए हैं लेकिन ऑक्सीजन पर्याप्त नहीं है। इस स्थिति में हमें काम करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

सर गंगाराम अस्पताल प्रशासन के अनुसार यहां हर दिन 11,000 घन मीटर ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है। शनिवार को अस्पताल के पास महज 200 घन मीटर ऑक्सीजन बची थी लेकिन गनीमत की बात यह रही कि एक टैंकर कुछ ही देर के अंदर 1.5 टन ऑक्सीजन लेकर पहुंच गया। जिससे मरीजों के ऊपर मंडरा रहा मौत का खतरा टल गया। सर गंगाराम में स्थिति यह है कि मरीजों को सामान्य से आधे दबाव पर ऑक्सीजन दिया जा रहा है। अस्पताल के एक अधिकारी ने पीटीआई भाषा को कहा कि हम सामान्य दबाव से आधे पर ऑक्सीजन चला रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद अभी पहुंचा 1.5 टन ऑक्सीजन भी बमुश्किल दो घंटे तक ही चल पाएगा। यह स्थिति बेहद ही खौफनाक है। इस प्रतिष्ठित अस्पताल में शुक्रवार को 24 घंटे के अंदर 25 कोविड मरीजों की मौत हो गई थी। ऑक्सीजन आपूर्ति में कमी की वजह से यहां भर्ती कई मरीजों की जान दांव पर लगी हुई है।

कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण दिल्ली के कई अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति ठीक ढंग से नहीं हो पा रही है। ऑक्सीजन की कमी की वजह से दिल्ली के जयपुर गोल्डन अस्पताल में 20 मरीजों की मौत हो गई। जयपुर  गोल्डन अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ डी के बलूजा ने पीटीआई-भाषा को जानकारी देते हुए कहा कि ऑक्सीजन की कमी होने की वजह से मरीजों को दिए जाने वाले ऑक्सीजन का दवाब घट गया है। आगे डॉ बलूजा ने कहा कि अस्पताल में करीब 200 मरीज भर्ती हैं और उनके पास 10 बजकर 45 मिनट पर केवल आधे घंटे की ऑक्सीजन शेष थी।

इसके अलावा दिल्ली के बत्रा अस्पताल के मरीज भी ऑक्सीजन की कमी से जूझते दिखे। तुगलकाबाद इलाके में स्थित बत्रा अस्पताल में 350 मरीज भर्ती हैं जिनमें से 265 कोरोना संक्रमित हैं और 30 आईसीयू में हैं। अस्पताल के कार्यकारी निदेशक सुधांशु बनकाटा के अनुसार सुबह नौ बजे अस्पताल में ऑक्सीजन समाप्त हो गई थी। जिसके तुरंत बाद दिल्ली सरकार से आपातकालीन ऑक्सीजन आपूर्ति मिली। ऑक्सीजन मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन ने कहा “हमें अभी-अभी दिल्ली सरकार से आपात आपूर्ति प्राप्त हुई है। यह अगले डेढ़ घंटे तक चलेगी और हमारा आपूर्तिकर्ता फोन नहीं उठा रहा है।” लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल में भी ऑक्सीजन की कमी हो गई है। अस्पताल के चिकित्सा निदेशक सुरेश कुमार ने कहा है कि अस्पताल में ऑक्सीजन का भंडार सिर्फ अगले आठ घंटे तक ही चल सकेगा।

दिल्ली में शुक्रवार को कोविड-19 के 24,331 नये मामले सामने आए और 348 लोगों की मौत हुई जबकि संक्रमण की दर 32.43 प्रतिशत हो गई है। शहर में 11 दिन के भीतर 2,100 लोगों की घातक वायरस के चलते मौत हुई है।

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