ताज़ा खबर
 

सूरत: व्‍हीलचेयर पर हैं महात्‍मा गांधी की रिश्‍तेदार, अधिकारी ने दूसरे माले पर ऑफिस में किया तलब

महात्मा गांधी की पोती शिवालक्ष्मी वंचित छात्रों की शिक्षा के लिए खोलना चाहती हैं एक चैरिटेबल ट्रस्ट। इस ट्रस्ट को रजिस्टर करने शिवालक्ष्मी की तरफ से परिमल देसाई चैरिटी कमिश्नर के कार्यालय गए थे। जहां कमिश्नर ने उन पर गुस्सा करते हुए शिवालक्ष्मी को खुद आने को कहा।

सोमवार को शिवालक्ष्मी गांधी चैरिटी कमिश्नर के ऑफिस पहुंचीं (Picture source Indian Express)

महात्मा गांधी की पोती शिवालक्ष्मी गांधी एक चैरिटेबल ट्रस्ट खोलना चाहती हैं। इस चैरिटेबल ट्रस्ट को रजिस्टर करना उनके लिए बड़ा मुश्किल हो गया। सूरत में चैरिटी आयुक्तालय के एक अधिकारी ने “गांधी के नाम” का उपयोग करने के लिए बुजुर्ग महिला के एक प्रतिनिधि की आलोचना की और जोर देकर कहा कि अगर रजिस्टर करना है तो वे ऑफिस तक खुद चलकर आए। जो की दूसरे माले पर है। इस ट्रस्ट को रजिस्टर करने शिवालक्ष्मी की तरफ से परिमल देसाई चैरिटी कमिश्नर के कार्यालय गए थे। परिमल से चैरिटी कमिश्नर ने पुछा “सरदार पटेल के वंशज कभी भी उनका नाम नहीं लेते थे। तो महात्मा गांधी के वंशज उनका नाम क्यों ले रहे हैं? ”

अमेरिका में एक शोध वैज्ञानिक के रूप में काम करने वाली शिवलक्ष्मी 7 नवंबर, 2016 को अपने पति, कानू गांधी की मृत्यु के बाद सूरत के भीमराड गांव में रहती हैं। अपनी उम्र और खराब स्वास्थ्य के कारण, उन्होंने देसाई पर तुरंत चैरिटेबल ट्रस्ट को रजिस्टर करने का दवाब बनाया। उनके अनुरोध पर कार्रवाई करते हुए, देसाई ने दस्तावेजों को तैयार किया और कागजी कार्रवाई को पूरा करने के लिए चार महीने से कोशिश कर रहे हैं। लगभग एक महीने पहले, सूरत चैरिटी कमिश्नर के कार्यालय के सहायक चैरिटी कमिश्नर आर वी पटेल ने देसाई से कहा कि ट्रस्ट के सेटलर (दाता) को दस्तावेजों को मंजूरी देने के लिए व्यक्तिगत रूप से आना होगा।

देसाई ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “मैंने उनसे कहा था कि डॉ शिवलक्ष्मी 92 साल की हैं और अपने बुढ़ापे और बीमारी के कारण ऑफिस नहीं आ सकती हैं।” “मैंने अपनी कार में अधिकारियों को लेने और छोड़ने की भी पेशकश की। पटेल ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।” जब वे नहीं माने तो देसाई ने अधिकारी को सूचित किया कि डॉ शिवलक्ष्मी महात्मा गांधी की पोती हैं और वह चाहती हैं कि वंचित छात्रों की शिक्षा के लिए ये ट्रस्ट खोलना चाहती हैं। देसाई ने बताया “20 लोगों के सामने पटेल ने मुझे जोर से चिल्ला कर कहा सरदार पटेल के वंशज काम पाने के लिए कभी भी उनके नाम का इस्तेमाल नहीं करते। तो महात्मा गांधी के नाम का इस्तेमाल उनके वंशज क्यों कर रहे हैं?

सरदार पटेल और महात्मा गांधी पर की गई टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर, सहायक चैरिटी आयुक्त आर वी पटेल ने कहा, “मैं इस मुद्दे पर नहीं बोलना चाहता। आज उन्हें प्रमाण पत्र जारी किया गया। ”बाद में उन्होंने अपना फोन स्विच ऑफ कर दिया।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App