पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का असर अब वाहन बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। गौतमबुद्धनगर जिले में नई गाड़ियों की बिक्री और पंजीकरण में अचानक आई गिरावट से ऑटोमोबाइल डीलर और कंपनियां चिंतित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन कीमतों में संभावित बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं के खरीद निर्णय को सीधे प्रभावित किया है।
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में सामान्यतः हर महीने औसतन करीब 15 हजार नए वाहनों का पंजीकरण होता है। लेकिन मई माह में यह आंकड़ा घटकर लगभग 13 हजार पर सिमट गया है। महीने के पहले पखवाड़े (1 से 15 मई) में जहां करीब आठ हजार वाहनों का पंजीकरण हुआ, वहीं 15 मई के बाद के दूसरे पखवाड़े में यह संख्या गिरकर लगभग पांच हजार रह गई।
खरीदारी की रफ्तार को धीमा कर दिया
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ईंधन कीमतों में उछाल के बाद लोगों में भविष्य के खर्च को लेकर मनोवैज्ञानिक दबाव बढ़ा है, जिसके चलते कई उपभोक्ताओं ने वाहन खरीदने की योजना टाल दी है। शोरूम में बुकिंग के बावजूद डिलीवरी लेने में भी लोग हिचकिचा रहे हैं। डीलरों के अनुसार, मध्यमवर्गीय परिवार वाहन खरीदते समय केवल एकमुश्त कीमत ही नहीं, बल्कि भविष्य के ईंधन खर्च को भी ध्यान में रखते हैं। ऐसे में पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने खरीदारी की रफ्तार को धीमा कर दिया है।
हालांकि, इस मंदी के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की ओर रुझान में हल्की बढ़ोतरी देखी जा रही है, लेकिन यह वृद्धि अभी बाजार की गिरावट की भरपाई करने के लिए पर्याप्त नहीं है। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि ईवी सेक्टर की सबसे बड़ी बाधा चार्जिंग ढांचे की कमी है। जिले के कई क्षेत्रों में पर्याप्त चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध नहीं हैं, जिससे उपभोक्ताओं में लंबी दूरी की यात्रा और बैटरी बैकअप को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
चार्जिंग समय और सीमित सुविधाओं के कारण लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में अभी भी सतर्कता बरत रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक ईंधन कीमतों में स्थिरता नहीं आती और ईवी चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार नहीं होता, तब तक ऑटोमोबाइल सेक्टर में सुधार की संभावना सीमित ही रहेगी।
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ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बानीज ने बुधवार को अपने देश को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले महीने चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि नेशनल कैबिनेट ने सोमवार को नेशनल फ्यूल सिक्योरिटी प्लान को मंजूरी दी। अगर लंबे समय के ईंधन की सप्लाई में गंभीर परेशानी आती है तो यह प्लान ऑस्ट्रेलियाई लोगों की मदद करेगा। पूरी खबर पढ़ें…
