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चुनाव बाद बनने वाले 21 दलों के मोर्चे से माया-ममता का किनारा, मीटिंग में शामिल होने से इनकार

पिछले हफ्ते पश्चिम बंगाल में जाकर मिलने वाले आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू के दिल्ली बैठक में पहुंचने के प्रस्ताव को ममता बनर्जी ने खारिज कर दिया।

रविवार को ममता बनर्जी ने आरोप लगाए कि पीएम मोदी पश्चिम बंगाल में चुनाव की आड़ में ‘समानांतर सरकार’ चला रहे हैं।

लोकसभा चुनाव के संपन्न होने के बाद विपक्ष की तरफ से गोलबंदी की कवायद तेज हो रही है। लेकिन, 21 दलों के मोर्चे से टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी और बीएसपी सुप्रीमो मायावती और उनके सहयोगी सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लगभग किनारा कर लिया है। इन दोनों प्रमुख विपक्षी नेताओं ने दिल्ली में कांग्रेस की तरफ से आयोजित बैठक में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि पिछले हफ्ते पश्चिम बंगाल में जाकर मिलने वाले आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू के दिल्ली बैठक में पहुंचने के प्रस्ताव को ममता बनर्जी ने खारिज कर दिया। ममता बनर्जी ने नायडू को साफ लफ्जों में कह दिया कि 23 मई को परिणाम आने तक किसी भी बैठक का कोई मतलब नहीं है। इसी तरह की प्रतिक्रिया मायावती की तरफ से भी मिली है।

एनडीटीवी ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि क्षेत्रीय क्षत्रपों की नायडू को दी कई नकारात्मक प्रतिक्रिया पीएम पद की दावेदारी की ओर इशारा कर रहा है। हालांकि, अभी तक विपक्ष के तमाम नेताओं ने प्रधानमंत्री पद को लेकर अपनी मंशा को फिलहाल दिल में ही दबाए रखा है। हालांकि, ममता बनर्जी और मायावती दोनों ने प्रधानमंत्री पद के लिए अपनी महत्वाकांक्षा को उजागर किया है। वहीं, राहुल गांधी के लिए डीएमकी चीफ एमके स्टालिन ने भी पीएम पद के लिए योग्य शख्स बताया है। फिलहाल, इस चुनाव में राहुल गांधी के बाद पीएम नेरंद्र मोदी के खिलाफ सबसे कड़वी जंग ममता बनर्जी लड़ रही हैं। रविवार को ममता बनर्जी ने आरोप लगाए कि पीएम मोदी पश्चिम बंगाल में चुनाव की आड़ में ‘समानांतर सरकार’ चला रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम चुपचाप सब कुछ सहन कर रहे हैं। हमारी चुप्पी को हमारी कमजोरी समझी जा रही है। आप लोगों ने मुझे और बंगाल को अपमानित किया है। आप लोगों ने मुझे अपनी सरकार तक चलाने नहीं दी है।”

अगर मायावती की बात करें तो उन्होंने खुले तौर पर साफ कर दिया है कि वह परिणाम बाद विपक्षी दलों के गठबंधन की सरकार बनने की सूरत में अपनी दावेदारी ठोककर पेश करने वाली हैं। चुनाव के दौरान से ही मायावती और उनके सहयोगी दल समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कांग्रेस पर हमला जारी रखे हुए हैं। गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने अभी तक अपनी जुबान से पीएम पद के लिए अपनी दावेदारी की पुष्टि नहीं की है, लेकिन उनकी पार्टी के नेता उनके इस अप्रोच की तस्दीक जरूर कर रहे हैं।

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