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पठानकोट हमले पर फ्रांस के राष्ट्रपति बोले, कठघरे में लाए जाएं साजिशकर्ता

फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलौंद ने पठानकोट वायुसेना अड्डे पर हुए आतंकी हमले की कठोर शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि भारत ने इस हमले के साजिशकर्ताओं को न्याय के कठघरे में लाने की मांग कर तर्कसंगत बात की है।

चंडीगढ़/नई दिल्ली | January 25, 2016 1:55 AM
भारत की तीन दिन की यात्रा पर रविवार को चंडीगढ़ पहुंचे फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलौंद का रॉक गार्डन में स्वागत करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलौंद ने पठानकोट वायुसेना अड्डे पर हुए आतंकी हमले की कठोर शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि भारत ने इस हमले के साजिशकर्ताओं को न्याय के कठघरे में लाने की मांग कर तर्कसंगत बात की है। गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लेने के लिए तीन दिन की भारत यात्रा पर आए ओलौंद रविवार दोपहर चंडीगढ़ पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां उनसे मुलाकात की। भारत-फ्रांस व्यापार शिखर सम्मेलन में नरेंद्र मोदी ने कहा कि आतंकवाद पृथ्वी के तापमान में वृद्धि जैसी ही चुनौती है। विदेशी निवेशकों को आश्वस्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली तारीख से कराधान अब बीती बात हो गई। वह अध्याय अब दुबारा नहीं खुलेगा।

ओलौंद ने कहा,‘भारत और फ्रांस एक ही तरह के खतरों का सामना कर रहे हैं। हम पर उन हत्यारों ने हमला किया है, जो अपने किए के लिए धर्म को बहाना बना रहे हैं। जबकि उनका वास्तविक मकसद नफरत फैलाना है। वो हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों और जीने के तरीके को कमजोर बनाना चाहते हैं। आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की प्रतिबद्धता को लेकर भारत-फ्रांस एकजुट हैं।’

फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा कि करीब 60 हजार करोड़ रुपए का रफाल लड़ाकू विमान सौदा सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह अगले 40 साल के लिए अभूतपूर्व द्विपक्षीय औद्योगिक और प्रौद्योगिकी सहयोग का रास्ता खोलेगा। चंडीगढ़ में आयोजित भारत-फ्रांस व्यापार शिखर सम्मेलन में मोदी ने कहा कि फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने सही कहा है कि आतंकवाद पृथ्वी के तापमान में वृद्धि जैसी ही चुनौती है।

मोदी ने कहा,‘आतंकवाद की चुनौती के खिलाफ लड़ना मानवता के लिए काम करना है। मानवता में विश्वास करने वाले सभी लोगों को आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक रूप से लड़ना होगा। भारत और फ्रांस मानवता में विश्वास करते हैं। अन्य देशों के साथ मिल कर हम आतंकवादी ताकतों तथा आतंकवाद को खत्म करेंगे।’ उन्होंने ओलौंद को आश्वासन दिया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में फ्रांस के साथ है।

भारत और फ्रांस में हाल ही में दो बड़े आतंकी हमले हुए। पेरिस में पिछले साल नवंबर में आइएसआइएस ने हमला किया था और एक जनवरी को पाकिस्तानी आतंकवादियों ने भारत के पठानकोट में हमला किया था। मोदी ने पेरिस हमले के बाद विकास का एजंडा जारी रखने के लिए फ्रांसीसी सरकार, वहां की जनता और मीडिया की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि भारत को इससे सबक लेने की जरूरत है।

विदेशी निवेशकों को आश्वस्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि विदेशी निवेशक भारत में आगामी 15 साल तक की कर प्रणाली को लेकर स्पष्ट रहें। उन्होंने कहा, ‘मैं स्थिर व्यवस्था और भरोसेमंद काराधान प्रणाली के पक्ष में हूं। सरकार यह भरोसा सुनिश्चित करने के लिए अनेक कदम उठा रही है। मोदी ने कहा, ‘जो भी देश में निवेश कर रहा है उसे अगले पांच साल, 10 साल, 15 साल की कराधान प्रणाली की जानकारी होनी चाहिए।’ उन्होंने कहा कि फ्रांस भारत में एक अरब डालर सालाना का निवेश तत्काल शुरू करेगा। इसे बाद में बढ़ाया जाएगा।

इस संदर्भ में उन्होंने 2012 में आयकर कानून में संशोधन के जरिए लागू की गई पिछली तारीख से कर व्यवस्था का संदर्भ दिया। उसके कारण विशेषकर विदेशी निवेशकों में काफी बेचैनी देखने को मिली और इसके खिलाफ बहुत शोर हुआ। वहीं ओलौंद ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में फ्रांस को पूरा भरोसा है। दोनों देश सौर ऊर्जा, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, परिवहन, सड़क, अंतरिक्ष उद्योग, स्वास्थ्य, कृषि और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में साथ काम कर सकते हैं।

इस अवसर पर भारत-फ्रांस ने 16 समझौतों पर दस्तखत किए। इनमें हेलिकॉप्टर निर्माण के साझा उद्यम का समझौता और स्मार्ट शहर से जुड़े तीन समझौते शामिल हैं। इसके अलावा शहरी परिवहन, जल-कचरा शोधन और सौर ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े समझौते भी किए गए।

फ्रांसुआ ओलौंद भारत के तीन दिन के अपने दौरे के लिए रविवार दोपहर चंडीगढ़ पहुंचे। उनके आगमन के करीब 80 मिनट बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंडीगढ़ आए। फ्रांसीसी वास्तुकार ला कारबुजिए की ओर से डिजाइन किए गए शहर में मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया और गले मिले। उनके स्वागत के लिए पारंपरिक पंजाबी लोक नृत्य ‘गिद्धा’ पेश किया गया। इसके बाद मोदी और ओलौंद रॉक गार्डन गए। दोनों नेता वहां करीब 20 मिनट रहे। इस अवसर पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी मौजूद थे।

रॉक गार्डन से दोनों नेता कैपिटल कांप्लेक्स गए जहां ओपन हैंड मॉन्यूमेंट, सचिवालय, हाई कोर्ट, पंजाब और हरियाणा की विधानसभाएं स्थित हैं। यह कांप्लेक्स शिवालिक पहाड़ी की तलहटी में स्थित है। वहां से दोनों नेता सरकारी संग्रहालय और आर्ट गैलरी गए। यहां उन्हें शिवालिक पहाड़ियों से मिले जीवाश्म दिखाए गए। फ्रांस और भारत के पुरात्वविदों ने संयुक्त रूप से इन जीवाश्म का पता लगाया था।

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