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तमिलनाडुः मुख्यमंत्री का विवादित कैरिकेचर बनाने पर कार्टूनिस्ट जी बाला गिरफ्तार

पुलिस ने यह कार्रवाई वहां के एक जिलाधिकारी की शिकायत पर की है। आरोप है कि जी बाला ने मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी, नेल्लाई के जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर के खिलाफ कैरिकेचर बनाया था।
तिरुनवेल्ली के फ्रींलास कार्टूनिस्ट जी बाला पर आरोप है कि वह अपने कार्टूनों से सीएम, जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर की छवि खराब कर रहे थे।

तमिलनाडु के तिरुनवेल्ली में रविवार को फ्रीलांस कार्टूनिस्ट जी बाला गिरफ्तार किए गए। पुलिस की क्राइम ब्रांच ने यह कार्रवाई वहां के एक जिलाधिकारी की शिकायत पर की है। आरोप है कि जी बाला ने मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी, नेल्लाई के जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर के खिलाफ कैरिकेचर बनाया था। वह उनकी छवि खराब करने का प्रयास कर रहे थे। कार्टूनिस्ट पर सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की धारा 67 के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि तिरुनवेल्ली में जिला क्राइम ब्रांच में कलेक्टर ने शिकायत दर्ज कराई थी। जैसे ही बाला की गिरफ्तारी हुई, टि्वटर पर #standwithCartoonistBala ट्रेंड करने लगा था।

बाला जिस कैरिकेचर के लिए गिरफ्तार किए गए, वह उन्होंने फेसबुक अकाउंट पर भी पोस्ट किया था। उसमें मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर को एक परिवार की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया था, जिसने दो हफ्ते पहले कलेक्ट्रेट के बाहर खुद की जान ले ली थी। आरोप है कि उस परिवार को कुछ महाजनों और जिलाधिकारी ने सताया था और पुलिस भी बीते दो महीनों में उनकी छह शिकायतों पर कुछ नहीं कर सकी थी। ऐसे में बाला का व्यवस्था पर चोट करता यह कैरिकेचर वायरल होने लगा।

कैरिकेचर में एक बच्चा जमीन पर लेटा है, जो जल रहा है। सामने सीएम, जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर तमाशबीन बने हैं। वे इस दौरान नग्न खड़े हैं और नोटों की गड्डियों से खुद को ढंकते दिख रहे हैं। एक सरकारी अधिकारी की मानें, तो बाला ने यह पोस्ट 24 अक्टूबर की रात को पोस्ट किया था। तकरीबन 38 हजार लोगों ने इसे शेयर किया। कैरिकेचर का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य सचिव और डीजीपी को इस बाबत सूचना देते हुए उन्हें गिरफ्तार करने का आदेश दिया।

पुलिस के मुताबिक, बाला पर सूचना और प्रौद्योगिकी अधियिनयम की धारा 67 (गंदी सामग्री को इलेक्ट्रॉनिक रूप में छापने या संप्रेषित करने की सजा) और भारतीय दंड संहिता की धारा 501 (ऐसी सामग्री छापना या तैयार करना, जिससे किसी की मान को हानि पहुंचे) के तहत मामला दर्ज किया है।

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