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बड़ा खुलासाः MBBS और डेंटल कॉलेज में एडमिशन के नाम पर करोड़ों की ठगी, सात राज्यों में होगी जांच

’गिरोह के करीब दो दर्जन साथियों की तलाश अन्य प्रदेशों में की जाएगी। इसके लिए पुलिस की विशेष टीम का भी गठन कर दिया गया है। ’गिरोह ने महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, चेन्नई, राजस्थान व कई प्रदेशों के निजी कालेजों में फ र्जीवाड़े के जरिये छात्रों के प्रवेश कराए हैं।

प्रतीकात्मत तस्वीर

मेडिकल और डेंटल कालेजों में प्रवेश दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का रिकार्ड खंगालने के लिए राजस्थान पुलिस सात राज्यों में अपनी पड़ताल करेगी। जयपुर पुलिस ने गिरोह के तीन व्यक्तियों की शुक्रवार को अदालत से रिमांड हासिल की। इस गिरोह ने अपने जाल में छात्रों को फंसा कर करीब सौ करोड़ रुपए तक की ठगी की है। पुलिस गिरोह के अन्य लोगों की धरपकड़ के लिए अन्य प्रदेशों की पुलिस की मदद लेगी।

जयपुर पुलिस ने मेडिकल और डेंटल कालेजों में फ र्जीवाडेÞ के जरिये प्रवेश दिलाने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को यहां गिरफ्तार किया है। पकडेÞ गए लोगों में हरियाणा का नसीम अहमद, बिहार का संजीव रंजन और लखनऊ का रंजन कुमार हैं। ये सभी आरोपी दिल्ली रहते हैं। उन्होंने जयपुर में भी अपना दफ्तर खोल रखा है। पुलिस ने इनको स्थानीय निवासी की शिकायत पर धरदबोचा है। पुलिस पूछताछ में ही खुलासा हुआ कि ये गिरोह के तौर पर काम करते हैं और प्रवेश चाहने वाले छात्रों के अभिभावकों को फंसा कर बड़ी रकम ऐंठते थे।

जयपुर पुलिस उत्तर के डीसीपी अंशुमान भौमियां ने बताया कि पकडेÞ गए लोगों के करीब दो दर्जन साथियों की तलाश अन्य प्रदेशों में की जाएगी। इसके लिए पुलिस की विशेष टीम का भी गठन कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के बैंक खातों को भी खंगाला जा रहा है। अपराधियों की धरपकड़ के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं। गिरोह का साथ देने वाले कालेज प्रबंधकों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही हैं। कालेजों की मिलीभगत का पता भी लगाया जा रहा है।

इस गिरोह ने महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, चेन्नई, राजस्थान समेत कई प्रदेशों के निजी कालेजों में फ र्जीवाड़े के जरिये छात्रों के प्रवेश कराए हैं। गिरोह ने एक कंपनी बना कर कई जगहों पर उसके दफ्तर खोल रखे थे। गिरोह 12 वीं पास करने वाले उन छात्रों को डाटा एक कंपनी से लेता था जो मेडिकल में प्रवेश चाहते थे। पुलिस इस डाटा कंपनी के बारे में भी जानकारी जुटाने में लग गई है।

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