महाराष्ट्र विधान परिषद की 10 सीटों के चुनाव में सभी 10 उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय है। कांग्रेस ने इस चुनाव में शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवार अंबादास दानवे का समर्थन करने का फैसला किया है।
बीजेपी ने छह उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे हैं जबकि विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी (एमवीए) ने एक उम्मीदवार उतारा है। विधान परिषद में प्रतिपक्ष के पूर्व नेता रहे शिवसेना (यूबीटी) के अंबादास दानवे एमवीए के उम्मीदवार हैं।
चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र विधान परिषद की 10 सीटों के लिए चुनाव की घोषणा की थी। इन सीटों पर 10 मई को मतदान होना था और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल थी।
शिवसेना में शामिल हुए बच्चू कडू
उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोर्हे को फिर से उम्मीदवार बनाया और पूर्व विधायक बच्चू कडू भी मैदान में हैं। कडू शुक्रवार को पार्टी में शामिल हुए और गोर्हे अपना पांचवां विधान परिषद चुनाव लड़ेंगी। कडू ने 1999 में अविभाजित शिवसेना छोड़ दी थी।
एनसीपी ने जीशान सिद्दीकी को दिया टिकट
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने पूर्व विधायक जीशान सिद्दीकी को उम्मीदवार बनाया है। सिद्दीकी ने संवाददाताओं से कहा, “पार्टी अजित दादा (दिवंगत अजित पवार) द्वारा किए गए वादे को पूरा करते हुए मुझे विधान परिषद में भेज रही है। मैं सदन में अल्पसंख्यकों और युवाओं से संबंधित मुद्दे उठाऊंगा।”
उद्धव ठाकरे की जगह दानवे बने उम्मीदवार
पिछले कुछ दिनों में विपक्ष के खेमे में कुछ नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिले, जब शिवसेना (यूबीटी) ने पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे की जगह पर दानवे को मैदान में उतारकर सबको चौंका दिया। कांग्रेस इस बात पर जोर दे रही थी कि ठाकरे एमवीए प्रत्याशी के रूप में पुन: विधान परिषद चुनाव लड़ें लेकिन दानवे को उम्मीदवार बनाये जाने से वह नाराज हो गयी एवं घोषणा की कि वह अपना प्रत्याशी उतारेगी लेकिन शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं अनिल देसाई एवं मिलिंद नार्वेकर एवं सचिन अहीर द्वारा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल से भेंट किये जाने के बाद कांग्रेस पीछे हट गयी एवं दानवे का समर्थन करने को लेकर राजी हो गयी।
बीजेपी ने इन नेताओं को दिया टिकट
बीजेपी ने सुनील विनायक कर्जतकर, माधवी नाईक, संजय नत्थूजी भेंडे, विवेक बिपिंदादा कोल्हे और प्रमोद शांताराम जठार को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी ने प्रज्ञा राजीव सातव को भी मैदान में उतारा है। सभी छह उम्मीदवारों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस की मौजूदगी में अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। कर्जतकर भाजपा के अनुभवी सदस्य हैं जो कभी पार्टी के दिग्गज नेता प्रमोद महाजन के करीबी थे। वह पहले पार्टी के लिए चुनाव रणनीतिकार के रूप में काम कर चुके हैं।
विवेक कोल्हे भाजपा की पूर्व विधायक स्नेहलता कोल्हे के बेटे हैं। संजय भेंडे 2024 में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के लोकसभा चुनाव के प्रभारी थे और नागपुर शहरी सहकारी बैंक के अध्यक्ष हैं। भाजपा की राज्य इकाई की महासचिव माधवी नाईक ठाणे निवासी हैं। प्रमोद जाठर सिंधुदुर्ग जिले से भाजपा के पूर्व विधायक हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे समेत राज्य विधान परिषद के नौ सदस्यों का कार्यकाल 13 मई को समाप्त हो जाएगा। कांग्रेस की पूर्व सदस्य प्रज्ञा सातव के इस्तीफे से खाली हुई सीट के लिए अलग से उपचुनाव कराया जाएगा। इस्तीफा देने के बाद भाजपा में शामिल हुईं सातव का कार्यकाल मूल रूप से 27 जुलाई, 2030 को समाप्त होना था। नामांकन पत्रों की जांच दो मई को होगी जबकि उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि चार मई है।
TCS नासिक केस में नया मोड़
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की कर्मचारी निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका पर नासिक की अदालत 2 मई को फैसला सुनाएगी। टीसीएस की नासिक स्थित बीपीओ यूनिट में कथित यौन उत्पीड़न और धार्मिक भावनाओं को आहत करने से जुड़े मामले में निदा खान वांछित आरोपी हैं। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
