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नौसेना कमांडरों का चार दिवसीय सम्मेलन आज से, सुरक्षा के लिए तैनात की जाएंगी 50 युद्धपोत

नौसेना प्रमुख एडमिरल लांबा के अनुसार, चीन समेत दुनिया की कई देशों की नौसेना दूरदराज समुद्र में स्थित अपने युद्धपोतों का संचालन अपनी जमीन से कर लेती हैं।

नौसेना प्रमुख एडमिरल लांबा के अनुसार, चीन समेत दुनिया की कई देशों की नौसेना दूरदराज समुद्र में स्थित अपने युद्धपोतों का संचालन अपनी जमीन से कर लेती हैं।

हिंद महासागरीय क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने और युद्धपोतों पर महिला नौसेना अधिकारियों की तैनाती समेत कई महत्त्वपूर्ण एजंडे पर नौसेना के कमांडरों के द्विवार्षिक सम्मेलन में रणनीति तैयार की जाएगी। नई दिल्ली में मंगलवार से शुरू हो रहा सम्मेलन 11 मई तक चलेगा। रक्षा मंत्रालय ने इस सम्मेलन की तैयारियों को लेकर जारी बयान में कहा, नौसेना अपने नए मिशन आधारित तैनाती रणनीति की समीक्षा के लिए तैयार है, जिसका मकसद क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करना है। दूसरी ओर, नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने चुनिंदा मीडियाकर्मियों से कहा, हिंद महासागरीय क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी चाक-चौबंद करने के मद्देनजर नौसेना 50 युद्धपोत तैनात करने की योजना पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी-नेवी (प्लान) की बढ़ती गतिविधियों के मद्देनजर नई रणनीतिक तैयारियों पर जोर दिया जा रहा है।

नौसेना कमांडर सम्मेलन में अंग्रिम पंक्ति के सैनिकों व सहयोगी सैनिकों के अनुपात में सुधार करने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता और बड़े डाटा विश्लेषण जैसे विशिष्ट क्षेत्रों का पता लगाने पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस सिलसिले में अहम मुद्दा मिशन पर तैनात युद्धपोतों और पनडुब्बियों पर महिलाओं अधिकारियों की तैनाती का है। इस आठ से 11 मई तक होने वाले चार दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण संबोधित करेंगी, जिसके बाद रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों से चर्चा की जाएगी। रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि युद्धपोतों की तैनाती की योजना के तहत भारतीय नौसेना के जहाजों की महत्त्वपूर्ण व मुश्किल जगहों पर मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, जहाजों के परिचालन के सिलसिले में सुरक्षा उपायों, निरंतर प्रशिक्षण व जांच और अग्रिम पंक्ति के युद्धपोतों पर चालक दल की दक्षता संतुलन की भी समीक्षा की जाएगी।

नौसेना प्रमुख एडमिरल लांबा के अनुसार, चीन समेत दुनिया की कई देशों की नौसेना दूरदराज समुद्र में स्थित अपने युद्धपोतों का संचालन अपनी जमीन से कर लेती हैं। संचार साधन विकसित हो गए हैं। ऐसे में हिंद महासागरीय क्षेत्र में चीन जैसे देशों की दखल की संभावना बढ़ रही है। चीन ने कर्ज में फंसे देशों की जमीन पर अपने नौसैन्य अड्डे बनाने शुरू कर दिए हैं। जिबूती में चीन ने जुलाई 2017 से अपना नौसैन्य अड्डा बनाना शुरू किया। पिछले साल चीन के द्वारा दिए गए एक बिलियन डॉलर के कर्ज जाल में फंसे श्रीलंका ने चीनी कंपनियों को बंदरगाह बनाने की जगह दी। एडमिरल लांबा के अनुसार, हिंद महासागरीय क्षेत्र में चीन एक साथ छह से सात युद्धपोत तैनात करने की स्थिति में आ गया है। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना लगातार चीन और अन्य देशों की गतिविधियों पर निगाह रख रही है। अभी हाल में चीनी युद्धपोतों को भारतीय क्षेत्र से दूर रहने की चेतावनी भारतीय नौसेना ने ट्विटर पर चीनी फौज को भेजी थी।

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