मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में दस दिन के भीतर एक परिवार के चार बच्चों की मौत चर्चा का विषय बनी हुई है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, ये सभी बच्चे बीते 16 अगस्त को एक झरने में नहाए थे। इसके बाद से उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई।

अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि मरने वालों में तीन सगे भाई और उनका एक ममेरा भाई शामिल हैं। इन्हें शिवपुरी जिले के एक झरने में नहाने के बाद अज्ञात बीमारी हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने इन मौतों की जांच शुरू कर दी है।

स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि चार मृतकों में से तीन नाबालिग हैं। इन सभी की हालात समान रूप से बिगड़ी। पहले इन बच्चों को बुखार हुआ और फिर उन्होंने पेट दर्द, उलटी, डायरिया की शिकायत की। इसके बाद सभी की हालत बिगड़ती चली गई।

परिवार ने क्या बताया?

न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में परिवार ने बताया कि 16 अगस्त को बच्चे गोरा टीला के पास एक झरने में नहाए थे। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ी। परिवार ने बताया कि 21 अगस्त और 31 अगस्त के बीच उनके चारों बच्चों की मौत हो गई। इस परिवार के आसपास रहने वालों ने शक जताया है कि झरने का पानी प्रदूषित हो सकता है।

हेल्थ डिपार्टमेंट की एक टीम ने इस परिवार से मंगलवार को मिलकर जानकारी जुटाई है। उन्होंने मीडिया को बताया कि अभी तक पोस्टमार्टम नहीं किया गया है और मौत की वजह साफ नहीं है। जिले के सीएमओ डॉक्टर संजय ऋषिवार ने बताया कि वह परिवार से मिलने के लिए गए थे और प्रारंभिक जांच में पता चला है कि चारों बच्चों की मौत संक्रमण की वजह से हुई है।

सीएमओ ने बताया कि बीमार होने के बाद बच्चों में प्लेटलेट काउंट तेजी से गिरा। एक बच्चे की हालत तो इतनी गंभीर हो गई कि उसके कई अंग काम करना बंद कर गए। उन्होंने कहा कि परिवार के सभी सदस्यों के सैंपल लिए गए हैं। टेस्ट के नतीजे आने के बाद ही मौत की असल वजह के बारे में कोई साफ नतीजा निकाला जा सकेगा।

सबसे पहले 14 साल का बच्चा हुआ बीमार

मरने वालों में तीन बेटे तनवीर अहमद के हैं। वह शिवपुरी जिले के फिजिकल पुलिस स्टेशन एरिया के रहने वाले हैं। तनवीर के परिवार ने बताया कि सबसे पहले 18 अगस्त को उनके 14 साल के बेटे ताहिर की तबीयत खराब हुई। ताहिर ने बुखार, उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत थी।

जब ताहिर हालत बिगड़ी तो उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन दो दिन बाद उनकी मौत हो गई। परिवार ने बताया कि इलाज के दौरान ताहिर के प्लेटलेट काउंट में तेजी से गिरावट आई थी।

तनवीर का परिवार अभी इस सदमे से संभल भी नहीं पाया था कि उनकी बहन के 19 साल के बेटे अयाज की तबीयत खराब हो गई। उसे पहले शिवपुरी के जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया। तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर परिवार अयाज को ग्वालियर ले गया लेकिन इलाज के दौरान उसकी 23 अगस्त को मौत हो गई।

परिवार ने बताया कि अयाज के टेस्टों में उसे संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद तनवीर अहमद के दो छोटे बेटों तारुफ (9) और तौसिफ (11) की तबीयत खराब हुई। उन्हें भी अस्पताल में भर्ती करवाया गया लेकिन कोई सुधार नहीं हुई। तारूफ की 31 अगस्त की सुबह मौत हो गई। उसी दिन शाम को उसके भाई का भी निधन हो गया।

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ककरहा रेंज के महबूबनगर गांव में तड़के एक तेंदुआ घर के बरामदे में चारपाई पर सो रहे राम सिंह (28) को उठाकर ले गया। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।