ताज़ा खबर
 

लोकसभा चुनाव 2019: बिहार में सीट बंटवारे का फॉर्मूला तैयार? जानिए बीजेपी और जेडीयू कितने सीटों पर लड़ सकती है चुनाव

बिहार में आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर भाजपा ने फार्मूला तय कर लिया है। आधे सीटों पर भाजपा खुद अपने प्रत्याशी उतारेगी, शेष गठबंधन में शामिल दलों को दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Photo: PTI)

आगामी लोकसभा चुनाव में अब कुछ महीने ही शेष रह गए हैं। चुनाव को लेकर अभी से ही सभी पार्टियां अपनी-अपनी रणनीति तय करने में जुट गई है। बिहार में भी एनडीए के सीट बंटवारे को लेकर भाजपा ने फार्मूला लगभग तय कर लिया है! इसके मुताबिक भाजपा खुद 20 सीटों पर अपने प्रत्याशियों को उतार सकती है। शेष सीटें गठबंधन में शामिल जदयू, रालोसपा और लोजपा को दी जाएगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भाजपा बिहार में अपने सहयोगी दल जदयू को 12+1 सीट देने पर विचार रही है। इसमें 12 सीट बिहार में और एक सीट उत्तर प्रदेश या झारखंड में दे सकती है। वहीं, इस बार लोजपा की सीटें पिछली बार की तुलना में कम हो सकती है। उसे मात्र पांच सीटों पर संतोष करना पड़ सकता है। यदि रालोसपा एनडीए के साथ बनी रहती है तो उसे दो सीटें मिल सकती है।

बिहार में लोकसभा की कुल 40 सीटें हैं। बात पिछले चुनाव की करें तो वर्ष 2014 में भाजपा, लोजपा और रालोसपा तीन पार्टियां एनडीए गठबंधन में शामिल थी। इस चुनाव में भाजपा 30, लोजपा 7 और रालोसपा ने 3 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे। इसमें भाजपा के 30 में से 22 उम्मीदवार विजयी हुए थे। वहीं, लोजपा के 7 में 6 और रालोसपा के तीनों उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी। लेकिन बाद में रालोसपा दो गुटों में बंट गई। जहानाबाद सांसद अरूण कुमार उपेंद्र कुशवाहा से अगल हो गए। हालांकि, वे अभी एनडीए में बने हुए हैं।

 

इस बार स्थिति बदल चुकी है। एनडीए का पुराना साथी जदयू वापस गठबंधन में शामिल हो गया है। अभी बिहार में चार दल गठबंधन में शामिल हैं। ऐसे में पहले से ही यह तय था कि गठबंधन को देखते हुए सभी पार्टियों को पिछले चुनाव की तुलना में कम सीटों पर संतोष करना होगा। नए फार्मूले के अनुसार भाजपा के मौजूदा दो सांसदों का टिकट कटना तय है। वहीं, इनके साथ कई अन्य का भी टिकट कट सकता है। कुछ नए चेहरे को भी मौका दिया जा सकता है। सीएम नीतीश को चुनावी चेहरा बनाया जा सकता है। बता दें कि बीते 12 जुलाई को अमित शाह के बिहार दौरे के समय उनकी नीतीश कुमार से बंद कमरे में करीब 45 मिनट तक बात हुई थी। इसके बाद सीएम नीतीश ने कहा था कि जल्द ही सीट बंटवारे पर सहमति बन जाएगी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App