कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर के साथ रेप और हत्या के मामले में टीएमसी के पूर्व विधायक निर्मल घोष को गिरफ्तार किया गया है। निर्मल घोष पर आरोप है कि उन्होंने डॉक्टर की मौत के बाद उसके शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया।

पुलिस ने बताया है कि इस मामले में दर्ज एफआईआर में निर्मल घोष के अलावा पनिहाटी नगरपालिका के पार्षद सोमना‌थ डे और पीड़िता के पड़ोसी संजीव मुखर्जी के नाम भी शामिल हैं।

पीड़िता के पिता ने क्या कहा था?

पीड़िता के पिता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि उनकी बेटी के शव का अंतिम संस्कार परिवार की सहमति के बिना जल्दबाजी में कर दिया गया। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि दोबारा पोस्टमार्टम न हो सके और इस मामले के अहम सबूत सामने न आएं।

बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह मामला बलात्कार और हत्या की सीबीआई जांच से अलग है। डॉक्टर के रेप और हत्या के मामले में मुख्य जांच सीबीआई ही कर रही है जबकि शव के जल्दबाजी में अंतिम संस्कार से जुड़े मामले में खरदाह पुलिस ने अलग से एफआईआर दर्ज की है।

2 दिन पहले ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि उन्होंने पुलिस को अंतिम संस्कार के मामले में अलग से केस दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा था कि अंतिम संस्कार को लेकर सवाल उठे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा था कि अंतिम संस्कार के मामले में घोष, डे और मुखर्जी की जांच की जानी चाहिए और बैरकपुर पुलिस कमिश्नर को जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया गया है।

31 साल की ट्रेनी डॉक्टर 9 अगस्त, 2024 को अस्पताल में मृत अवस्था में मिली थी। मामले की जांच कर रही टीम को पता चला था कि उसके साथ रेप हुआ था और उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने बताया कि डॉक्टर के शव को पनिहाटी ले जाया गया और जल्दबाजी में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया जबकि इससे पहले दो और शवों को जलाया जाना था।

पुलिस ने इस मामले में अंतिम संस्कार की सहमति वाले दस्तावेजों पर जो दस्तखत किए गए हैं, उस पर भी सवाल उठाए हैं और कहा है कि यह दस्तखत पड़ोसियों के थे ना कि पीड़िता के माता-पिता या उनके परिवार के सदस्यों के।

यह भी पढ़ें- ‘उन्हीं ने सब करवाया था’

आरजी कर मामले को लेकर पीड़िता की मां और भाजपा की नवनिर्वाचित विधायक रत्ना देबनाथ ने ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।