पंजाब कांग्रेस में चल रही लड़ाई के बीच एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और सांसद सुखविंदर सिंह रंधावा एक मंच पर दिखाई दिए। अहम बात यह थी कि प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग कांग्रेस की इस बैठक में शामिल नहीं हुए।
यह बैठक शनिवार रात को लुधियाना जिले के इसड़ू गांव में रखी गई थी।
इस कार्यक्रम में चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थन में नारेबाजी हुई जबकि अमरिंदर सिंह की गैर मौजूदगी की चर्चा सोशल मीडिया से लेकर टीवी चैनलों और अखबारों तक में होने लगी है।
पंजाब कांग्रेस में बीते कई दिनों से अच्छा-खासा हंगामा चल रहा है। अमरिंदर सिंह को प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए रखने के हाईकमान के फैसले के विरोध में चन्नी के समर्थकों ने मोर्चा खोल दिया है।
जल्द पंजाब आएंगे राहुल गांधी
इस बीच, खबर सामने आई है कि राहुल गांधी जल्द ही पंजाब पहुंचेंगे और पार्टी कार्यकर्ताओं से बात करेंगे। चन्नी-अमरिंदर के झगड़े की वजह से कांग्रेस की अच्छी-खासी किरकिरी हो चुकी है।
बैठक में लगाए गए बोर्ड और पोस्टर्स में भी अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की तस्वीर नहीं थी। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि कांग्रेस 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए तैयार है।
हमें सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं- चन्नी
चन्नी ने कहा, “कांग्रेस हमारे खून में है और हमें किसी से सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। हम 2027 में पंजाब में जीतेंगे और केंद्र में राहुल गांधी के नेतृत्व में बनने वाली सरकार की नींव रखेंगे।”
जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि पंजाब की सरकार को बंदी सिंहों के मामले में जल्द फैसला लेना चाहिए और इस मामले में राजनीति नहीं करनी चाहिए।
रंधावा ने वड़िंग को दिया जवाब
कांग्रेस के कार्यक्रम में सुखजिंदर सिंह रंधावा ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को जवाब दिया। वड़िंग ने कहा था कि कांग्रेस एक ही परिवार के दो लोगों को टिकट नहीं देगी लेकिन सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि अगर किसी परिवार के लोग जीतने की काबिलियत रखते हैं तो सिर्फ दो नहीं उस परिवार के चार लोगों को भी कांग्रेस टिकट दे सकती है।
बघेल के सामने ही भिड़े थे कांग्रेसी
पंजाब कांग्रेस में चल रहे झगड़े को रोकने के लिए बीते दिनों प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल राज्य के दौरे पर आए थे। इस दौरान बघेल के सामने ही कई जगहों पर चन्नी और वड़िंग के समर्थक आमने-सामने आ गए थे। लुधियाना, पटियाला और संगरूर में हुए कांग्रेस के कार्यक्रमों में लड़ाई-झगड़ा और हाथापाई तक हुई।
देखना होगा कि क्या राहुल गांधी और कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व पंजाब में पार्टी नेताओं के बीच चल रही इस लड़ाई को खत्म करा पाएगा या नहीं?
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चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों की मांग है कि उनके नेता को प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपी जानी चाहिए। पंजाब कांग्रेस में पहले भी नेता भिड़ चुके हैं। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
