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नेताओं के रंग-ढंग बतलाएगा मोबाइल का यह ऐप, प्रणब मुखर्जी ने लॉन्च किया ‘नेता’

इस मोबाइल ऐप बनाने की प्रेरणा स्रोत रहे पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी ने ऐप बनाने वाले प्रथम मित्तल को ताकीद की कि राजनीतिक दलों की ओर से उन पर दबाव बनाने के कई प्रयास किए जाएंगे लेकिन उन्हें बिल्कुल भी किसी दबाव में नहीं आना है और जनता की राय को बेबाक तरीके से सामने रखने का काम करना है।

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपने सरकारी निवास पर शुक्रवार को आयोजित एक कार्यक्रम में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित कई गणमान्य लोगों के साथ नेता (नेशनल इलेक्टोरल ट्रांसफारमेशन एप्लिकेशन) मोबाइल ऐप की शुरुआत की।

सोशल मीडिया व मोबाइल फोन की जुगलबंदी ने देश में सियासत के अंदाज बदल दिए हैं। आज पीएम से लेकर सीएम तक हर नेता ट्विटर और फेसबुक पर मौजूद है। लेकिन अब आपका मोबाइल फोन तमाम नेताओं के कच्चे चिट्ठे भी खोलेगा। आम लोग अब अपने मोबाइल फोन पर एक नया एप्लिकेशन डाउनलोड कर प्रत्येक नेता की रेटिंग तय कर सकेंगे। इसके माध्यम से उन्हें किसी भी चुनाव में वोट डालने से पहले यह मालूम होगा कि उनके क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे किस नेता की क्या रेटिंग है। किस नेता ने जनता से किए वादों को पूरा किया है और किसने खोखली बयानबाजी की है। इतना ही नहीं नया मोबाइल ऐप राजनीतिक दलों को अपना उम्मीदवार चुनने में भी मददगार साबित होगा।

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपने सरकारी निवास पर शुक्रवार को आयोजित एक कार्यक्रम में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित कई गणमान्य लोगों के साथ नेता (नेशनल इलेक्टोरल ट्रांसफारमेशन एप्लिकेशन) मोबाइल ऐप की शुरुआत की। इसको बनाने वाले युवा प्रथम मित्तल ने दावा किया कि अब तक एक करोड़ से ज्यादा लोग इस मोबाइल ऐप पर अपनी राय दे चुके हैं और खास बात यह है कि कर्नाटक विधानसभा के पिछले चुनाव में जीत दर्ज करने वाले 93 फीसद उम्मीदवारों को लेकर इस ऐप पर आम लोगों ने अच्छी राय दी थी। इस मौके पर मुखर्जी ने कहा कि आज हमारे देश के युवा हर क्षेत्र में बेहतरीन काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह नया मोबाइल ऐप भी एक युवा सोच का ही परिणाम है। उन्होंने कहा कि जनतंत्र में जनता की राय अहम है और ऐसा लगता है कि यह नई पहल इस दिशा में कारगर साबित होगी। उन्होंने कहा कि आज भी देश की नीतियों के निर्धारण में जनता की भागीदारी अपेक्षित नहीं है। ऐसे में इस प्रकार के प्रयोग जनता की भागीदारी बढ़ाएंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस ऐप से जुड़ी टीम पारदर्शी तरीके से काम करेगी और हमारे लोकतंत्र को नई ऊंचाइयों तक लेकर जाएगी।

इस मौके पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इलेक्टॉनिक मीडिया पर होने वाले ओपिनियन पोल का मजाक उड़ाते हुए कहा कि आज इनकी विश्वसनीयता का यह आलम है कि इनसे जानकारी कम मिलती है, मनोरंजन ज्यादा होता है। आम आदमी भी समझता है कि किस चैनल का सर्वे किससे प्रभावित है। उन्होंने कहा कि ऐसे में यह जो नेता मोबाइल ऐप जारी हुआ है उससे यह उम्मीद की जानी चाहिए कि वह निष्पक्ष तरीके से सही आंकड़े जनता से साझा करेगा।

इस मोबाइल ऐप बनाने की प्रेरणा स्रोत रहे पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी ने ऐप बनाने वाले प्रथम मित्तल को ताकीद की कि राजनीतिक दलों की ओर से उन पर दबाव बनाने के कई प्रयास किए जाएंगे लेकिन उन्हें बिल्कुल भी किसी दबाव में नहीं आना है और जनता की राय को बेबाक तरीके से सामने रखने का काम करना है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री विजय सांपला, लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष शिवराज पाटील, पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी व अश्विनी कुमार, सांसद अनुराग ठाकुर, राजीव गौड़ा, सुष्मिता देव सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।

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