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यूनिवर्स‍िटी रज‍िस्‍ट्रार के सामने पेश हुए केजरीवाल सरकार के पूर्व कानून मंत्री ज‍ितेंद्र स‍िंह तोमर

दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री व आप विधायक जितेंद्र सिंह तोमर अपने वकीलों के साथ तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के कुलसचिव अशोक कुमार झा के दफ्तर में बुधवार को हाजिर हो अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

त‍िलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में पेशी के बाद वकीलों के साथ निकलते दिल्ली के पूर्व मंत्री व विधायक जितेंद्र सिंह तोमर।

 

दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री व आप विधायक जितेंद्र सिंह तोमर अपने वकीलों के साथ तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के कुलसचिव अशोक कुमार झा के दफ्तर में बुधवार को हाजिर हो अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्हें पटना उच्च न्यायालय ने कुलसचिव के सामने पेश होकर उनकी कथित एलएलबी की डिग्री के सिलसिले में सफाई देने का हुक्म दिया था। तोमर के वरीय वकील भानुप्रताप सिंह के मुताबिक सुनवाई की अगली तारीख छह जून कुलसचिव ने तय की है। यदि जरूरत हुई तो तोमर आएंगे। अन्यथा उन्होंने दो वकीलों को वकालतनामा देकर मामले की पैरवी के लिए अधिकृत किया है। तोमर ने उनकी डिग्री रद्द करने के खिलाफ पटना उच्च न्यायालय में अपील कर रखी है।

ध्यान रहे कि तोमर अपनी कथित एलएलबी की डिग्री को लेकर कानूनी कार्रवाई झेल रहे है। इन्होंने मुंगेर की विश्वनाथ सिंह आफ लीगल स्टडीज इंस्टीच्यूट में पढ़ाई कर तिलकामांझी विश्वविद्यालय से डिग्री हासिल करने का दावा किया है। विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच में इसे गलत ठहराया गया। सीनेट और सिंडिकेट ने डिग्री को रद्द कर दिया । जांच में दाखिले में पेश की गई स्नातक की डिग्री ही गलत निकली। दिल्ली के थाना हाजखास की पुलिस ने साकेत कोर्ट में इनके खिलाफ आरोपपत्र दायर किया। साथ ही भागलपुर विश्वविद्यालय ने तोमर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। जिसमें ये जमानत पर है । और इन सब कार्रवाई के खिलाफ इन्होंने पटना उच्च न्यायालय में अपील की है। इस फेरे में विश्वविद्यालय के 17 अधिकारी व कर्मचारी कानूनी लपेटे में आ गए।

तोमर के साथ आए वकील भानुप्रताप सिंह के मुताबिक इनकी अपील की सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने भागलपुर विश्वविद्यालय के कुलसचिव को इसके लिए अधिकृत किया है और सुनवाई तीन महीने में पूरी कर इनकी सफाई में दी गई दलील को अपनी टिप्पणी के साथ पेश करने का आदेश कुलसचिव को दिया है। कुलसचिव अशोक कुमार झा ने कहाकि बिहार सरकार का प्रशासनिक अधिकारी होने के नाते यह जिम्मेवारी हाईकोर्ट ने सौंपी है। तोमर की मेरे सामने पेशी एक तरह से कोर्ट की कार्रवाई का हिस्सा है। इस वजह से इस सिलसिले में कुछ भी बताने से इंकार किया। वहां तोमर के साथ मौजूद वकीलों में उमेश पांडे, विकास कुमार पांडे, भानुप्रताप सिंह और दिल्ली से आए एक वकील थे। हाईकोर्ट के आदेश से सशरीर पेश हो उन्होंने कानूनी प्रक्रिया पूरी की । एक घंटे करीब विश्वविद्यालय में रुकने के बाद सड़क मार्ग से पटना और फिर वहां से दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

 

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