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उम्र कैद की सजा पाए संजीव भट्ट की पत्नी ने खोला मोर्चा, कहा- मारने की कोशिश, घर तोड़कर पकड़ा दिया 2.5 लाख का बिल

पूर्व आईपीएस संजीव भट्ट ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर गुजरात के तत्कालीन सीएम और वर्तमान पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ 2002 के गुजरात दंगों में शामिल होने के आरोप लगाए थे। भट्ट को साल 2011 में सस्पेंड कर दिया गया था।

Author नई दिल्ली | July 8, 2019 12:05 PM
श्वेता भट्ट ने नैशनल कन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन की मीटिंग के बाद पत्रकारों को संबोधित किया। (फाइल फोटो)

पुलिस कस्टडी में शख्स हत्या के मामले में पूर्व आईपीएस अफसर संजीव भट्ट को पिछले महीने उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। भट्ट की पत्नी श्वेता और बेटे शांतनु रविवार को ‘कैंपेन फॉर जस्टिस’ कार्यक्रम में पहुंचे। दोनों ने वहां सामाजिक कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। बता दें कि भट्ट वही शख्स हैं, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर तत्कालीन गुजरात के सीएम और वर्तमान पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ 2002 के गुजरात दंगों में शामिल होने के आरोप लगाए थे।

2011 में भट्ट सस्पेंड कर दिए गए, वहीं 2015 में नौकरी से गैरमौजूदगी और दूसरे कारणों की वजह से उन्हें नौकरी से बर्खास्त किया गया। पिछले साल भट्ट को गिरफ्तार किया गया। उन पर 1996 के एक मामले में सबूतों से छेड़छाड़ का आरोप लगा था। वह फिलहाल 10 महीने से ज्यादा वक्त से पालनपुर जेल में हैं। अंग्रेजी अखबार द टेलिग्राफ के मुताबिक, नैशनल कन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन की मीटिंग के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए श्वेता ने बताया कि वह अपने पति की सजा के खिलाफ अदालत में आवाज उठा रही हैं।

इसके अलावा, वह देश भर में आयोजित कार्यक्रमों में जाकर कथित तौर पर न्याय मिलने में आई दुश्वारियों और उनके परिवार के उत्पीड़न का मामला भी रख रही हैं। श्वेता ने कहा, ‘हमारी सुरक्षा वापस ले ली गई। जमानत पर सुनवाई से ऐन पहले (जनवरी में), एक बिना रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट वाले ट्रक ने मेरे कार में टक्कर मारी और हमें तब तक घसीटा जब तक हमारी कार एक डिवाइडर से न टकरा गई। यह हादसा ऐसी जगह पर हुआ, जहां हैवी व्हीकल्स को लाने की इजाजत नहीं थी।

ट्रक के ड्राइवर के पास कोई कागजात नहीं थे।’ श्वेता ने आगे बताया, ‘हमारे 23 साल पुराने घर का आधा हिस्सा अधिकारियों द्वारा (पिछले साल) तोड़ डाला गया। हमसे तोड़फोड़ के बिल के तौर पर 2.5 लाख रुपये मांगे गए। जहां भी मैं जाती हूं, मेरा पीछा किया जाता है और मेरी तस्वीरें ली जाती हैं। आपको क्या लगता है, ऐसा क्यों हो रहा है?’

श्वेता के मुताबिक, उनकी अपने पति से मुलाकात अधिकतर कोर्ट में होती है क्योंकि जब वह जेल जाती हैं तो उन्हें बाद में आने कहा जाता है या घंटों इंतजार कराया जाता है। श्वेता का आरोप है कि ऐसा माहौल बना दिया गया है, जिसकी वजह से उनका अपने पति से बातचीत करना मुश्किल है।

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