आम आदमी पार्टी के टिकट पर गुजरात के जेतपुर-नवागढ़ नगरपालिका चुनाव लड़ चुकी 23 वर्षीय नंदनी बोसमिया की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
अब नंदनी बोसमिया के परिवार ने आरोप लगाया है कि उनके साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे शादीशुदा व्यक्ति ने उसे प्रताड़ित करने और मारपीट करने के बाद उसकी हत्या कर दी और फिर इस घटना को उसे आत्महत्या दिखाने का प्रयास किया।
एक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में काम करने वाली नंदानी बोसमिया के बीते सोमवार को अपने फ्लैट के हॉल में फांसी के फंदे से लटकी हुई मिलीं। धटना की सूचना मिलने पर उसे प्रशासन से जुड़े लोग उसे अस्पताल लेकर पहुंचे जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
शादीशुदा मुस्लिम युवक से थे संबंध
नंदनी बोसमिया के परिवार ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी जूनागढ़ के असलम हुसैन समा के साथ लिव-इन-रिलेशनशिप में रहती थी। वह शादीशुदा था और लगातार उसके साथ दुर्व्यवहार करता था।
नंंदनी के पिता ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी की असलम हुसैन समा से मुलाकात जुनागढ़ में हुई। वहां वह उसके घर में किराए पर रहती थी। बाद में दोनों के संबंध में आने के बाद राजकोट में लिव-इन-रिलेशनशिप में रहने लगे।
नंदनी के परिवार के अनुसार, उनकी बेटी और असलम हुसैन समा के बीच संबंध इसलिए खराब हुए क्योंकि वह असलम लगातार अपनी पत्नी के संपर्क में था। इस वजह से दोनों के बीच पिछले कुछ महीनों से दोनों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था।
नंदनी के परिवार वालों ने यह भी दावा किया कि उनकी बेटी ने हाल ही में एक विवाद के बाद फ्लैट छोड़कर रिश्तेदारों के यहां रहने चली गई थीं, लेकिन अपनी मौत से कुछ समय पहले ही वह वापस लौटी थीं।
पुलिस ने शव का फॉरेंसिक पोस्टमार्टम भी करवाया
पुलिस ने बताया कि नंदनी पांचवीं मंजिल पर अपने फ्लैट में लटकी हुई मिली। नंदनी से उसके परिवार के लोग फोन पर संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो उन्होंने वहां एक परिचित को भेजा। जब वह व्यक्ति फ्लैट पर पहुंचा तो पाया दरवाजा आंशिक रूप से खुला था और नंदनी का शव लटका हुआ था।
पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, डॉक्टरों की प्रारंभिक जांच में मौत का कारण फांसी बताई गई है लेकिन परिवार के गंभीर आरोपों को देखते हुए फॉरेंसिक पोस्टमॉर्टम भी कराया गया है। नंदनी की मौत के असली कारण का खुलासा फॉरेंसिक और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
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पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने एक लिव इन कपल को पुलिस सुरक्षा देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जहां भारतीय समाज का एक हिस्सा लिव-इन रिलेशनशिप को मॉडर्न लाइफस्टाइल के तौर पर तेज़ी से अपना रहा है, वहीं घर से भागे बच्चे अपने परिवार का नाम खराब कर सकते हैं और अपने माता-पिता की इज्ज़त और सम्मान पर असर डाल सकते हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
