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बिहार: चुनावी आहट और ऊपर से तेज प्रताप का विद्रोही तेवर, RJD में ‘ऑल इज वेल’ की तैयारी में जुटीं राबड़ी देवी

बिहार में राजद के 80 विधायक है। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इन 80 में 40-45 विधायक ही शामिल हुए। इससे स्पष्ट है कि लोकसभा चुनावों में हार के बाद पार्टी में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है।

Author पटना | July 12, 2019 8:25 AM
बिहार में राजद नेता तेज प्रताप यादव के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। (फाइल फोटो)

बिहार में जब से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को साल 2020 में विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया तबसे पार्टी की चिंता है कि तेजस्वी के नेतृत्व को अपने बड़े भाई तेज प्रताप यादव से चुनौती मिल सकती है। इस बात की जानकारी पार्टी से जुड़े सूत्रों ने दी है।

हालांकि, पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तेजप्रताप ‘अर्जुन’ के रूप में तेजस्वी को अपना समर्थन दे चुके हैं। उन्होंने पिछले सप्ताह पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तेजस्वी को श्रीमद भगवद गीता सौंपते हुए इस बात पर जोर दिया है। वहीं पार्टी के कुछ नेता लोकसभा चुनाव में राजद के उम्मीदवारों के खिलाफ प्रचार करने के लिए तेज प्रताप के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस लोकसभा चुनाव में राजद को एक भी सीट नहीं मिली थी।

तेजस्वी ने तेजप्रताप पर परोक्ष रूप से साधा निशानाः पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने वाले पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी दोनों बेटों के बीच मध्यस्थता कर रही हैं। वे तेज प्रताप और तेजस्वी के बीच सुलह-शांति कराने में जुटी हुई हैं।’ कार्यकारिणी की बैठक में राबड़ी ने कहा पार्टी को मजूबत और फिर से संगठित किए जाने की जरूरत है। राजद के नेता ने बताया कि बैठक में तेजस्वी ने तेज प्रताप पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि ‘दबाव और जुबानी हमले’ के बीच पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे के लिए काम करना बहुत मुश्किल है।

40-45 विधायक ही पहुंचे कार्यकारिणी की बैठक मेंः पार्टी के बिहार में इस समय 81 विधायक है लेकिन राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में 40-45 विधायक ही पहुंचे थे। लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद से राजद के भीतर सबकुछ ठीक सा नहीं दिख रहा है। राजद के एक अन्य नेता ने कहा कि भले ही तेज प्रताप के पीछे कुछ लोग नारे लगा रहे हों लेकिन पार्टी ने उन्हें कोई खास समर्थन हासिल नहीं है। इससे पहले राजद ने घोषणा की थी कि पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के जेल में रहने के बाद तेजस्वी यादव ही पार्टी के एकमात्र नेता हैं।

पार्टी एकजुट होकर चुनाव की तैयारियों में जुटीः राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि पार्टी में चिंता की कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि हम एकजुट हैं और पार्टी ने विधानसभा चुनाव के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बीच एनडीए विधानसभा के मौजूदा सत्र में तेजस्वी की बहुत कम उपस्थिति को लेकर उनपर निशाना साध रहा है। राज्य मंत्री विजय सिन्हा ने तेजस्वी की गैरमौजूदगी के पीछे दोनों भाइयों के बीच लड़ाई को कारण बताया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी चाहते हैं कि पार्टी तेज प्रताप के खिलाफ कार्रवाई करे।

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