Harish Rawat Haridwar News: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत एक बार फिर राजनीतिक रूप से सक्रिय हो गए हैं। हरीश रावत ने हाल ही में इच्छा जताई है कि वह हरिद्वार जिले की किसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं। हरीश रावत के सोशल मीडिया अकाउंट्स को अगर देखें तो उनकी सक्रियता हरिद्वार जिले की खानपुर विधानसभा सीट पर है।
ऐसे में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि रावत 2027 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार हो सकते हैं। उत्तराखंड में अगले साल फरवरी-मार्च में विधानसभा के चुनाव होने हैं।
हरीश रावत 2014 से 2017 तक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे और इससे पहले भारत सरकार में मंत्री, उत्तराखंड कांग्रेस के अध्यक्ष और लोकसभा के साथ ही राज्यसभा के सदस्य भी रहे।
हरीश रावत ने 2009 का लोकसभा चुनाव कांग्रेस के टिकट पर हरिद्वार की लोकसभा सीट से जीता था लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव में उनकी पत्नी रेणुका रावत को यहां से हार मिली थी।
रावत ने देखे राजनीतिक उतार-चढ़ाव
पिछले कुछ साल हरीश रावत के लिए राजनीतिक रूप से बेहद खराब रहे हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में वह दो सीटों से चुनाव लड़े और दोनों ही जगह से उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
इसके बाद वह 2019 में लोकसभा और 2022 में विधानसभा का चुनाव भी हार गए। 2024 में उनके बेटे वीरेंद्र रावत हरिद्वार लोकसभा सीट से चुनाव लड़े थे लेकिन उन्हें भी हार का मुंह देखना पड़ा था।
राजनीतिक जीवन के इन उतार-चढ़ावों के बीच हरीश रावत का कहना है कि वह एक बार फिर हरिद्वार के लोगों की सेवा करना चाहते हैं। उन्होंने पिछले कुछ दिनों में कई बार इस बात को कहा है कि जब वह हरिद्वार से लोकसभा सांसद थे तो यह उनके जीवन का ‘स्वर्णिम काल’ था।
रावत ने कहा कि इस दौरान हरिद्वार के मतदाताओं के साथ उनका रिश्ता बेहद बहुत गहरा हो गया था और जब तक उनमें ताकत है वह हरिद्वार के लोगों की सेवा करते रहेंगे। बीते कुछ दिनों में खानपुर में हरीश रावत के समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया है। रावत लगातार इस विधानसभा सीट का दौरा कर रहे हैं।
हरीश रावत को 2017 में मुख्यमंत्री रहते हुए हरिद्वार ग्रामीण सीट से हार मिली थी लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में इसी सीट से उनकी बेटी अनुपमा रावत कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीती थीं। हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हरीश रावत से पूछताछ की थी। इसे लेकर रावत ने कहा था कि केंद्र सरकार बदले की भावना से काम कर रही है।
‘खानपुर मांगे बदलाव’ का नारा
हरीश रावत ने पिछले कुछ दिनों में ‘खानपुर मांगे बदलाव’ का नारा दिया है। खानपुर के लोगों के बीच लगातार पहुंचने के वीडियो वह अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अपडेट भी कर रहे हैं।
हरीश रावत की उम्र 78 साल है। उम्र के लिहाज से ऐसा हो सकता है कि वह आगे कोई चुनाव ना लड़ें। दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले रावत लगातार कह रहे थे कि वह अब जीवन में कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे लेकिन अब उन्होंने अपना मन बदल लिया है और 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए सियासी मैदान में उतरने की इच्छा जताई है। हरीश रावत के राजनीतिक कद को देखते हुए ऐसा हो सकता है कि पार्टी उन्हें उनकी पसंदीदा सीट से टिकट दे दे।
अगर हरीश रावत खानपुर की सीट से चुनाव लड़ते हैं तो यहां पर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है। इस सीट से उमेश कुमार विधायक हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में उमेश कुमार और बीएसपी के रविंद्र सिंह के बीच नजदीकी मुकाबला रहा था। उमेश कुमार निर्दलीय चुनाव जीते थे।
लगातार दो चुनाव हार चुकी है कांग्रेस
उत्तराखंड में कांग्रेस 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में हार चुकी है। हार की हैट्रिक से बचने के लिए इस बार कांग्रेस हाईकमान और प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व चुनाव की तैयारी में पूरी ताकत झोंक रहा है। ऐसे में हरीश रावत जैसे वरिष्ठ नेता का विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर करना राज्य की राजनीति में एक बड़ा संकेत है।
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