शाहजहांपुर के जैतीपुर थाने में रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक सिपाही ने एक मुकदमे की विवेचना के दौरान नामजद व्यक्ति का नाम मामले से हटाने के बदले रिश्वत मांगी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने जैतीपुर थाना प्रभारी अश्वनी कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही रामेंद्र सिंह को जैतीपुर थाने का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है।

बताया जा रहा है कि गुरुवार को एंटी करप्शन टीम ने जैतीपुर थाने में एक विशेष अभियान चलाया। टीम ने वहां तैनात सिपाही विवेक कुमार को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पीड़ित की शिकायत के आधार पर एंटी करप्शन टीम ने पहले से ही योजना तैयार की थी। इसके तहत शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम के साथ भेजा गया और टीम ने पूरी कार्रवाई पर नजर बनाए रखी।

जैसे ही विवेक कुमार ने रिश्वत की रकम लेने के लिए हाथ बढ़ाया, एंटी करप्शन टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे पकड़ लिया। आरोपी सिपाही के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। एसपी सौरभ दीक्षित ने मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी को भी निलंबित कर दिया।

यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि आरोपी सिपाही विवेक कुमार की इस थाने में तैनाती महज डेढ़ महीने पहले ही हुई थी। इतने कम समय में ही उसके खिलाफ रिश्वतखोरी का गंभीर मामला सामने आ गया।

जिस मामले में विवेक कुमार रिश्वत मांग रहा था, वह 21 दिसंबर 2024 को बरेली के सुभाषनगर निवासी अखिलेंद्र की हत्या से जुड़ा है। इस मामले में अखिलेंद्र के पिता ने फैजगंज बेहटा निवासी विजय, अपने रिश्तेदार प्रदीप और सुधांशु को भी नामजद कराया था। आरोप है कि विवेचना के दौरान नाम हटाने के बदले सिपाही ने रिश्वत की मांग की थी।