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घर के मुखिया को जकड़ा जंजीरों में, मां-बेटे पहुंचे सलाखों के पीछे

पुलिस के मुताबिक संजय प्लेस के नारायण टावर में रहने वाले 60 वर्षीय राजेश बंसल की फाउंड्री नगर में फैक्ट्री है। शू मटीरियल का भी कारोबार है। वह जिस फ्लैट में रहते हैं, वह उनकी मां के नाम है। राजेश का बेटा निमित्त है, बेटी की शादी हो चुकी है।

Author February 18, 2018 4:12 AM
कारोबारी ने फ्लैट बेटे के नाम करने से इनकार कर दिया।

ताजनगरी के हरीपर्वत थाना क्षेत्र में कारोबारी को संपत्ति के लिए बेटे ने ही आठ दिन से फ्लैट में बंधक बना रखा था। वह पिता को न सिर्फ जंजीरों में जकड़ कर रखता था बल्कि लघुशंका के लिए भी नहीं जाने देता था। शोर मचाने पर पीटता था। इससे कारोबारी के शरीर पर कई घाव हो गए हैं। पत्नी भी बेटे का ही साथ दे रही थी। कारोबारी ने किसी तरह खिड़की से कागज फेंक कर मदद मांगी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने पीड़ित को मुक्त कराया। इस संबध में हरीपर्वत थानाध्यक्ष महेश गौतम ने बताया कि मुक्त कराए गए कारोबारी ने पत्नी नीलम और पुत्र के खिलाफ बंधक बनाने और मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है, जिसमें दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पुलिस के मुताबिक संजय प्लेस के नारायण टावर में रहने वाले 60 वर्षीय राजेश बंसल की फाउंड्री नगर में फैक्ट्री है। शू मटीरियल का भी कारोबार है। वह जिस फ्लैट में रहते हैं, वह उनकी मां के नाम है। राजेश का बेटा निमित्त है, बेटी की शादी हो चुकी है। कारोबारी के मुताबिक कुछ महीने से बेटे को शक हो गया कि वह फ्लैट समेत सारी संपत्ति किसी के नाम करना चाहते हैं। इस पर बेटे ने सारी संपत्ति अपने नाम करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। पत्नी नीलम भी बेटे साथ हो गई।

कारोबारी ने फ्लैट बेटे के नाम करने से इनकार कर दिया। इससे नाराज होकर बेटे निमित्त ने आठ फरवरी को उनके हाथ-पैर जंजीरों से बांधे और फ्लैट के एक कमरे में बंद कर दिया। बाहर कमरे पर ताला लगा दिया। वह शुक्रवार रात को कमरे पर ताला लगाना भूल गया। इससे उन्हें मौका मिल गया। उन्होंने कमरे से बाहर आकर कागज पर अपने को मुक्तकराने की पर्ची लिख कर खिड़की से बाहर फेंक दी। बाहर गिरे कागज को अपार्टमेंट के गार्ड ने उठाया, गार्ड ने जैसे ही पढ़ा उसके होश उड़ गए। गार्ड ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर थाने की फोर्स पहुंचा, तो ताला लगा हुआ था। पुलिस ने बेटे को बुलाकर ताला खुलवाया तो अंदर का दृश्य देख हैरान रह गई। कारोबारी जंजीरों में बंधे थे। उन्हें मुक्तकराकर अस्पताल भेजा गया। पुलिस को देख कारोबारी फूट-फूटकर रोने लगा। उसका कहना था कि बेटे ने जो घाव दिया है, वह कोई अपने दुश्मन को भी नहीं देगा।

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