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जिला मजिस्ट्रेटों के उत्कृष्ट कार्यों का सम्मान आज

24 राज्यों के 84 जिलों से मिलीं 249 प्रविष्टियों में से विजेताओं को चुना गया है। विजेता प्रविष्टियों में जो परियोजनाएं चुनी गई हैं, उनमें हैं, वैकल्पिक ऊर्जा के साधन के तौर पर पहाड़ पर स्थापित सोलर पैनल; माओवाद प्रभावित इलाके में नियो-नटाल (नवजात की देखरेख) यूनिट लगाना व अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम।

Author Updated: August 21, 2019 1:23 AM
द इंडियन एक्सप्रेस एक्सीलेंस इन गवर्नेंस अवार्ड्स कार्यक्रम में बुधवार को देश के 16 जिला मजिस्ट्रेट आकर्षण के केंद्र में होंगे। इस द्विवार्षिक कार्यक्रम में उन महिलाओं और पुरुषों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया जाता है, जो प्रशासनिक क्षेत्र में अगुआई कर रहे हैं और देश में बदलाव ला रहे हैं।

द इंडियन एक्सप्रेस एक्सीलेंस इन गवर्नेंस अवार्ड्स कार्यक्रम में बुधवार को देश के 16 जिला मजिस्ट्रेट आकर्षण के केंद्र में होंगे। इस द्विवार्षिक कार्यक्रम में उन महिलाओं और पुरुषों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया जाता है, जो प्रशासनिक क्षेत्र में अगुआई कर रहे हैं और देश में बदलाव ला रहे हैं।
कृषि, शिक्षा और तकनीक से लेकर महिला विकास तक 16 श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य के लिए ये पुरस्कार पांच केंद्रीय मंत्रियों द्वारा दिए जाएंगे, जो इस आयोजन के विशेष अतिथि होंगे। ये विशेष अतिथि हैं : केंद्रीय सड़क यातायात व राजमार्ग और लघु व मध्यम उद्योग मंत्री नितिन गडकरी; केंद्रीय उपभोक्ता, खाद्य व सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास बाकी पेज 8 पर पासवान; केंद्रीय विधि व न्याय, संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना तकनीक मंत्री रविशंकर प्रसाद; केंद्रीय रेलवे, वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल; पूर्वोत्तर विकास, प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, जन शिकायत व पेंशन, परमाणु ऊर्जा व अंतरिक्ष के प्रभारी केंद्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जीतेंद्र सिंह।

24 राज्यों के 84 जिलों से मिलीं 249 प्रविष्टियों में से विजेताओं को चुना गया है। विजेता प्रविष्टियों में जो परियोजनाएं चुनी गई हैं, उनमें हैं, वैकल्पिक ऊर्जा के साधन के तौर पर पहाड़ पर स्थापित सोलर पैनल; माओवाद प्रभावित इलाके में नियो-नटाल (नवजात की देखरेख) यूनिट लगाना व अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम।

भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश आरएम लोढा की अगुआई वाले एक प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल ने विजेताओं को चुना है। निर्णायक मंडल के अन्य सदस्य हैं- राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष व भारत के प्रथम मुख्य सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्ला, अमेरिका व चीन में भारत की पूर्व राजदूत व 2009 से 2011 तक भारत की विदेश सचिव रह चुकीं निरूपमा राव और पूर्व कैबिनेट सचिव केएम चंद्रशेखर।

केपीएमजी इन अवार्ड्स का नॉलेज पार्टनर है। उसने नवोन्मेष, प्रभाव, कार्यान्वयन और जन भागीदारी के मापदंडों पर सभी प्रविष्टियों को परखा। चुनी गई प्रविष्टियों को द इंडियन एक्सप्रेस के संवाददाताओं व संपादकों ने जमीनी दौरे कर उनका परीक्षण व सत्यापन किया। उसके बाद निर्णायक मंडल ने विजेताओं को चुना।

देश में जिला स्तर पर शासन की चुनौतियों के सबसे मौलिक समाधान के लिए ये द्विवार्षिक पुरस्कार दिए जाते हैं, जो शासन में उत्कृष्टता के मानकों- विचार, अमल व नवोन्मेष के व्यापक क्षेत्रों को समेटते हैं। ये श्रेणियां हैं : कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, केंद्रीय योजनाओं को लागू करना, तकनीक, महिला विकास, बाल विकास, समेकित नवोन्मेष, कौशल विकास, उद्यम और ऊर्जा।

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